Sanaa News: यमन की राजधानी सना के पूर्व में स्थित अल-शरियाह कस्बे में हुए संदिग्ध सऊदी हवाई हमले में महिलाओं और बच्चों सहित कम से कम 33 लोगों की मौत का दावा किया गया है। हूती मीडिया के अनुसार हमले में 39 लोग घायल हुए हैं और कई इमारतें जमींदोज हो गईं। सऊदी गठबंधन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
यमन में लंबे समय से जारी संघर्ष एक बार फिर भीषण रूप लेता दिखाई दे रहा है। राजधानी सना के पूर्व में स्थित अल-शरियाह कस्बे में शनिवार को हुए जोरदार हवाई हमले में कम से कम 33 लोगों की मौत हो गई, जबकि 39 अन्य घायल बताए जा रहे हैं। हूती विद्रोहियों से जुड़े मीडिया संस्थानों का दावा है कि यह हमला सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन द्वारा किया गया था।
हमले के बाद इलाके की कई इमारतें मलबे में तब्दील हो गईं। हूती विद्रोहियों के नियंत्रण वाले टीवी चैनल अल-मसीरा द्वारा प्रसारित फुटेज में बचावकर्मी ढही हुई इमारतों के मलबे से शवों और घायल बच्चों को निकालते दिखे। घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। हालांकि, सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
क्षेत्रीय तनाव के बाद दोबारा भड़की यमन में जंग
यमन में बीते कई सालों से संघर्ष काफी हद तक थमा हुआ था, लेकिन हालिया क्षेत्रीय तनाव के बाद हालात फिर बिगड़ गए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, सऊदी अरब ने हूतियों के नियंत्रण वाले सना एयरपोर्ट पर ईरानी विमान की लैंडिंग रोकने के लिए कार्रवाई की थी, जिसके बाद तनाव गहरा गया।
इसके जवाब में हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के एक हवाई अड्डे को निशाना बनाया और लाल सागर में सऊदी जहाजों पर हमले शुरू कर दिए। सऊदी अरब इस समुद्री मार्ग का उपयोग होर्मुज जलडमरूमध्य के विकल्प के रूप में तेल निर्यात के लिए कर रहा था। इन घटनाओं के बाद यमन में हूती विद्रोहियों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सऊदी समर्थित सरकार की सेनाओं के बीच सीधा संघर्ष दोबारा तेज हो गया है।
ताइज में बाजार पर हमले को लेकर परस्पर आरोप
इससे पहले शुक्रवार को यमन के ताइज प्रांत में एक बाजार पर हुए हमले में करीब 30 लोगों के मारे जाने की खबर सामने आई थी। इस घटना को लेकर दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हूती विद्रोहियों ने इस हमले का जिम्मेदार सऊदी अरब को बताया, जबकि यमन की सरकारी सेना का दावा है कि हूतियों द्वारा बाजार पर मिसाइल दागी गई थी।
संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार, यमन में संघर्ष दोबारा शुरू होने के बाद से अब तक 1,600 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और 3 लाख से ज्यादा नागरिकों को विस्थापित होना पड़ा है।
हमले से पहले सऊदी गठबंधन ने रोकी थी मिसाइल
अल-शरियाह में हुए हवाई हमले से कुछ घंटे पहले सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने दावा किया था कि उसने राजधानी रियाद की ओर दागी गई एक मिसाइल को हवा में ही मार गिराया। उल्लेखनीय है कि सऊदी गठबंधन यमन में हूती ठिकानों पर लगातार हवाई हमले करता रहा है, वहीं हूती विद्रोही भी सऊदी अरब के हवाई अड्डों और प्रमुख तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन हमले करते रहे हैं।