Shimla News: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने दिल्ली में कांग्रेस की रैली को ऐतिहासिक बताते हुए केंद्र सरकार और बीजेपी पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने केंद्र पर संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाया और साथ ही हिमाचल प्रदेश के 1500 करोड़ रुपये का बकाया फंड तुरंत जारी करने की मांग की।
दिल्ली में कांग्रेस की ओर से आयोजित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली की सफलता पर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस रैली में जनता का भारी उत्साह और समर्थन देखने को मिला है। चौहान ने आरोप लगाया कि देश में लोकतंत्र और संविधान को कमजोर करने की लगातार कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी जिन बुनियादी मुद्दों को लगातार उठा रहे थे, वे अब देश के सामने पूरी तरह सच साबित हो रहे हैं।
नरेश चौहान ने केंद्र सरकार पर जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ता में बने रहने के लिए हर हथकंडा अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ईडी और सीबीआई जैसी स्वतंत्र जांच एजेंसियों को हथियार बनाकर लोगों और विपक्षी नेताओं को डराने-धमकाने का प्रयास किया जा रहा है। चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए उन्होंने एसआईआर के जरिए वोट चोरी का आरोप लगाया और चुनाव आयोग की भूमिका पर भी चिंता व्यक्त की। चौहान ने कहा कि देश में अघोषित आपातकाल जैसे हालात बन रहे हैं और लोकतंत्र को बचाने के लिए बड़ी संख्या में लोग एकजुट हो रहे हैं।
शिमला में बीजेपी की पदयात्रा और हिमंता बिस्वा सरमा के दौरे पर साधा निशाना
शिमला में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की ओर से निकाली जा रही पदयात्रा पर निशाना साधते हुए नरेश चौहान ने कहा कि कांग्रेस के कार्यक्रमों को मिल रहे अपार जनसमर्थन से बीजेपी पूरी तरह परेशान हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों के जुड़ाव को रोकने के लिए बीजेपी कार्यकर्ताओं को झंडे थमाकर समानांतर कार्यक्रम करने की कोशिश कर रही है, लेकिन जनता का रुख स्पष्ट है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में बीजेपी ही अव्यवस्था और अराजकता फैलाने का काम कर रही है।
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के हालिया हिमाचल दौरे पर तंज कसते हुए चौहान ने कहा कि एक मुख्यमंत्री के तौर पर उनका स्वागत है, लेकिन उन्होंने अपने बयानों से लोगों को भ्रमित करने की कोशिश की। चौहान ने कहा कि हिमंता बिस्वा सरमा को हिमाचल आने के बजाय अपने पड़ोसी राज्य मणिपुर जाना चाहिए था, जहां के हालात बेहद गंभीर और चिंताजनक हैं। वे अरुणाचल प्रदेश भी जा सकते थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिमाचल में बीजेपी का मॉडल नहीं चलेगा और इस तरह के दौरों से साफ हो चुका है कि विपक्ष के पास राज्य में उठाने के लिए कोई ठोस जनहितकारी मुद्दा नहीं है।
हिमाचल के 1500 करोड़ रुपये कब देगी केंद्र सरकार?
नरेश चौहान ने केंद्र सरकार से राज्य के वित्तीय अधिकारों को लेकर सीधा सवाल किया। उन्होंने पूछा कि हिमाचल प्रदेश के हिस्से के 1500 करोड़ रुपये केंद्र सरकार कब जारी करेगी। चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार को राज्य के वित्तीय हितों और लंबित बकाया राशि को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट करनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा करवाए गए आंतरिक सर्वे में भी हिमाचल प्रदेश में बीजेपी की वापसी की कोई संभावना नहीं दिखी है, जिससे विपक्ष में हताशा का माहौल है।