Shimla News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने सड़कों पर घूम रहे बेसहारा पशुओं की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एक नई योजना तैयार की है। इसके तहत अब राज्य में पशुओं की टैगिंग और डिजिटल पंजीकरण को अनिवार्य किया जाएगा, जिससे पशु मालिकों की पहचान सुनिश्चित होगी और पशुपालकों की जवाबदेही तय की जा सकेगी।
पशुओं को लावारिस छोड़ने की प्रवृत्ति पर लगेगी रोक
इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य पशुओं को लावारिस सड़क पर छोड़ने की प्रवृत्ति पर पूरी तरह अंकुश लगाना और बेसहारा पशुओं की बढ़ती संख्या को कम करना है। डिजिटल पंजीकरण लागू होने से सभी पशुओं का एक व्यवस्थित और पुख्ता रिकॉर्ड तैयार होगा, जिससे प्रशासन को इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकालने में काफी मदद मिलेगी।