हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से पढ़ाई जाएगी नैतिक शिक्षा, 4,800 पदों पर होगी भर्ती

Share

- Advertisement -

Shimla News: हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब पहली कक्षा से ही बच्चों को नैतिक शिक्षा पढ़ाई जाएगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने छात्रों में अनुशासन, करुणा और नैतिक मूल्यों का विकास करने के लिए यह फैसला लिया है। इसके साथ ही राज्य में 4,800 से अधिक शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शिक्षा का मुख्य उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं है। इसके साथ ही बच्चों का चरित्र निर्माण और सर्वांगीण विकास होना बेहद जरूरी है। उन्होंने बुधवार को शिमला में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर विभिन्न योजनाओं और व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की।

बैठक में सरकारी स्कूलों में सीबीएसई (CBSE) पाठ्यक्रम लागू करने की दिशा में हुई प्रगति का जायजा लिया गया। इसके अलावा शिक्षकों और गैर-शिक्षक कर्मचारियों की उपलब्धता और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर भी गहन चर्चा हुई। सरकार इन प्राथमिकताओं को पूरा करने के लिए लगातार काम कर रही है।

100 नए सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की होगी तैनाती

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सीबीएसई पाठ्यक्रम वाले स्कूलों में योग्य शिक्षक और पर्याप्त प्रशासनिक स्टाफ उपलब्ध कराया जाए। नए पाठ्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक संसाधन जुटाना बेहद जरूरी है। इसके तहत जूनियर बेसिक टीचर (JBT) के 600 पदों पर भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा गया है।

साथ ही 100 नए सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की समय पर तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे इन सभी नए संस्थानों का संचालन बिना किसी बाधा के व्यवस्थित तरीके से शुरू हो सकेगा और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल पाएगा।

बैठक के दौरान 3,900 शिक्षकों और 900 गैर-शिक्षक कर्मचारियों के पदों को भरने की योजना की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन रिक्तियों को योजनाबद्ध और समयबद्ध तरीके से जल्द से जल्द भरा जाए, ताकि स्कूलों में स्टाफ की कमी दूर हो सके।

इसके अतिरिक्त सीबीएसई स्कूलों में मिनिस्ट्रीयल स्टाफ और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की जरूरतों का भी आकलन किया गया। निर्धारित मानकों के आधार पर कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इस बैठक में शिक्षा सचिव डॉ. यूनुस और स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

Mohit
Mohit
पत्रकारिता के क्षेत्र में 9 सालों का अनुभव।

Read more

Related News