हिमाचल प्रदेश के फोरलेन और हाईवे पर लगेगी स्मार्ट सीसीएमएस तकनीक, सूर्योदय और सूर्यास्त के हिसाब से खुद जलेगी लाइट

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Shimla News: हिमाचल प्रदेश में सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए प्रमुख फोरलेन और हाईवे पर केंद्रीयकृत नियंत्रण एवं निगरानी प्रणाली (सीसीएमएस) लागू की जा रही है। एनएचएआई और मोर्थ की इस पहल से अब रात के समय पहाड़ी रास्तों पर सफर करने वाले चालकों को अधिक सुरक्षा और सुविधा मिलेगी।

यह अत्याधुनिक डिजिटल प्रणाली कीरतपुर-मनाली, चंडीगढ़-शिमला, पठानकोट-मंडी और शिमला-मटौर जैसे व्यस्त फोरलेन मार्गों पर लागू होगी। एनएचएआई ने इन सभी प्रमुख हाईवे पर टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। इससे अब पारंपरिक लाइटिंग की जगह पूरी तरह से रिमोट कंट्रोल आधारित व्यवस्था काम करेगी।

इसके अलावा पांवटा साहिब से हेवना (एनएच-707) खंड पर 354 एलईडी लाइटें लगाने की योजना है। इस खंड पर लाइटिंग के संचालन के लिए 14 सीसीएमएस पैनल लगाए जाएंगे। यह काम विश्व बैंक की मदद से चल रहे ग्रीन नेशनल हाईवे कॉरिडोर प्रोजेक्ट के तहत किया जाएगा और मोर्थ ने इसके टेंडर जारी कर दिए हैं।

सीसीएमएस सिस्टम से बिजली बिलों में होगी भारी कमी

नया स्मार्ट सिस्टम सूर्योदय और सूर्यास्त के समय के अनुसार स्ट्रीट लाइटों को अपने आप ऑन और ऑफ करेगा। किसी भी आपात स्थिति में केंद्रीय कंट्रोल रूम से इन्हें किसी भी जगह से नियंत्रित किया जा सकेगा। इससे बिजली की बर्बादी रुकेगी और हर महीने आने वाले 5 से 6 लाख रुपये के बिल में बड़ी कटौती होगी।

इस प्रणाली में कम से कम 12 घंटे का पावर बैकअप रहेगा। बिजली कटने, वोल्टेज में बदलाव आने या केबल चोरी की कोशिश होने पर सिस्टम तुरंत अधिकारियों के मोबाइल पर एसएमएस अलर्ट भेजेगा। इससे तकनीकी खराबी को तुरंत ठीक किया जा सकेगा और मार्गों पर निर्बाध प्रकाश व्यवस्था बनी रहेगी।

Mohit
Mohit
पत्रकारिता के क्षेत्र में 9 सालों का अनुभव।

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