Shimla News: हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश, तेज ओलावृष्टि और अंधड़ के साथ बर्फबारी दर्ज की गई है। किन्नौर की चौरा और तरंडा पंचायतों में तेज आंधी-ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।
बीते 24 घंटों के दौरान कांगड़ा के पालमपुर में सबसे अधिक 82.2 मिमी बारिश हुई। सराहन में 28.7 मिमी, कोठी में 19 मिमी, भटियात में 18.3 मिमी और गुलेर में 16.7 मिमी बारिश दर्ज की गई। पालमपुर में 56 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं और कई जगहों पर ओले गिरे।
मौसम विभाग ने 9 अक्टूबर तक राज्य के अलग-अलग जिलों में अंधड़, आकाशीय बिजली और बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। 10 से 13 अक्टूबर तक भी राज्य के कई हिस्सों में मौसम खराब रहने का अनुमान है।
किन्नौर के चौरा और तरंडा में मंगलवार शाम अचानक हुई ओलावृष्टि से खेतों में तैयार सब्जियां और अन्य फसलें बर्बाद हो गईं। सेब और पशु चारे के पेड़ों की पत्तियां भी झड़ गईं। प्रभावित किसानों ने राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन से नुकसान का त्वरित आकलन करवाकर मुआवजे की गुहार लगाई है।
मौसम विभाग ने 7 अक्टूबर को ऊना, बिलासपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, सिरमौर और शिमला में अलर्ट जारी किया है। वहीं 8 और 9 अक्टूबर को कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन तथा सिरमौर में खराब मौसम की चेतावनी दी गई है। पर्वतीय इलाकों में हल्की बर्फबारी की संभावना भी जताई गई है।
मौसम में आए इस अचानक बदलाव से कृषि, बागवानी और पर्यटन गतिविधियों पर बुरा असर पड़ने की आशंका है। इस समय किन्नौर में सेब सीजन शुरू हो रहा है, जबकि निचले इलाकों में मक्की की कटाई जारी है। तेज हवाओं और बारिश से किसानों व बागवानों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।
तापमान की बात करें तो कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री, केलांग में 3.7 डिग्री और शिमला में 14.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने आकाशीय बिजली और तेज हवाओं के दौरान लोगों को खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे न खड़े होने की सख्त सलाह दी है।