Dharamshala News: धर्मशाला के प्रसिद्ध पर्यटन क्षेत्र खड़ोता में सरकारी जमीन के अवैध कब्जे और बंदरबांट मामले में विजिलेंस ने कार्रवाई तेज कर दी है। शिमला से मंगलवार को पहुंची स्पेशल इंवेस्टिगेशन यूनिट (एसआईयू) की टीम ने धर्मशाला में डेरा डालकर जांच शुरू कर दी है।
विजिलेंस की इस सख्त कार्रवाई से भू-माफिया और उनसे जुड़े रसूखदारों में हड़कंप मच गया है। एसआईयू की टीम ने धर्मशाला विजिलेंस थाने में कई चर्चित चेहरों को तलब किया। बंद कमरे में करीब तीन घंटे तक चली गहन पूछताछ के दौरान कई अहम सुराग और राज सामने आए हैं।
जांच का जिम्मा संभाल रही शिमला की विशेष टीम केवल पूछताछ तक सीमित नहीं है। टीम ने सरकारी जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़े तमाम महत्वपूर्ण दस्तावेज और राजस्व रिकॉर्ड भी अपने कब्जे में ले लिए हैं। जांच अधिकारी एक-एक दस्तावेज की बारीकी से पड़ताल कर रहे हैं।
पूछताछ के दौरान जांच अधिकारियों का पूरा ध्यान इस बात पर रहा कि घोटाले का मुख्य मास्टरमाइंड कौन है। इसके अलावा पर्दे के पीछे किन रसूखदारों का संरक्षण मिला और कागजी प्रक्रिया कैसे पूरी की गई, इसकी पूरी कड़ी जोड़ी जा रही है।
शुरुआती दौर में यह मामला धर्मशाला के स्थानीय विजिलेंस थाने में दर्ज हुआ था। मामले में कई बड़े और प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आने के बाद जांच शिमला एसआईयू को सौंपी गई। सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में करीब 40 से 45 लोगों पर गंभीर आरोप लगे हैं।
विजिलेंस की इस बढ़ती कार्रवाई से आने वाले दिनों में धर्मशाला के कई और बड़े चेहरों का बेनकाब होना तय माना जा रहा है। जांच पूरी होने के साथ ही कई अहम सुराग हाथ लगने से भू-माफिया पर कानून का शिकंजा और कसता जा रहा है।