वीरभद्र सिंह के राजनीतिक गढ़ रोहड़ू में मुख्यमंत्री सुक्खू के कार्यक्रम में उमड़ी भारी भीड़, राजनीतिक गलियारों में शुरू हुई नई चर्चा

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Shimla News: हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत वीरभद्र सिंह के मजबूत राजनीतिक गढ़ रोहड़ू में मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के कार्यक्रम में भारी जनसैलाब उमड़ा। इस दौरान लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह विदेश दौरे पर रहे और प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह भी अनुपस्थित रहीं। इसके बावजूद लोगों की भारी मौजूदगी ने सुक्खू की बढ़ती लोकप्रियता की नई चर्चा छेड़ दी है।

कार्यक्रम में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की उत्साही भागीदारी देखने को मिली। मुख्यमंत्री ने भी देर रात तक जनता के बीच रहकर उनकी समस्याएं सुनीं और स्थानीय संस्कृति का सम्मान करते हुए पारंपरिक नाटी नृत्य में भाग लिया। उनका यह आत्मीय अंदाज इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

रोहड़ू क्षेत्र वीरभद्र परिवार का पारंपरिक प्रभाव क्षेत्र माना जाता है, जहां से वीरभद्र सिंह ने 1990, 1993, 1998, 2003 और 2007 में लगातार पांच बार विधानसभा चुनाव जीता था। वर्ष 2012 में परिसीमन के बाद सीट आरक्षित होने पर उन्होंने शिमला ग्रामीण का रुख किया। इसके बाद मोहन लाल ब्राक्टा ने 2012 और 2022 में जीत दर्ज कर कांग्रेस का कब्जा बरकरार रखा।

मुख्यमंत्री का रोहड़ू में यह दूसरा बड़ा दौरा था। इससे पहले वह ‘सरकार गांव के द्वार’ अभियान के तहत सुदूर क्षेत्र डोडरा-क्वार पहुंचे थे। स्थानीय विधायक एवं मुख्य संसदीय सचिव मोहन लाल ब्राक्टा को वीरभद्र सिंह का बेहद करीबी माना जाता है। इस क्षेत्र में सुक्खू की मजबूत मौजूदगी को उनकी निजी पहचान और बढ़ती जन स्वीकार्यता से जोड़कर देखा जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि केवल एक कार्यक्रम की भीड़ अंतिम पैमाना नहीं हो सकती। लेकिन वीरभद्र के गढ़ में बिना प्रमुख पारिवारिक चेहरों के इतनी बड़ी जनभागीदारी यह संकेत देती है कि मुख्यमंत्री सुक्खू अपनी अलग छवि बनाने में कामयाब हो रहे हैं। इस सीधे संवाद ने प्रदेश की राजनीति को एक नया मोड़ दे दिया है।

Mohit
Mohit
पत्रकारिता के क्षेत्र में 9 सालों का अनुभव।

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