Jwalamukhi News: विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ ज्वालामुखी में पार्किंग माफिया की मनमानी का मामला सामने आया है। यहां श्रद्धालुओं से एक घंटे कार खड़ी करने के 100 रुपये वसूले गए। दिल्ली के पूर्व मेयर की शिकायत के बाद नगर परिषद ने ठेकेदार को नोटिस जारी कर पैसे लौटाने और रेट लिस्ट दुरुस्त करने के आदेश दिए हैं।
ज्वालामुखी बस अड्डे के समीप स्थित पार्किंग में नियमों को ताक पर रखकर वाहन चालकों से मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। नगर परिषद द्वारा लगाए गए सरकारी बोर्ड से कार पार्किंग की तय दरों को जानबूझकर मिटा दिया गया है। रेट लिस्ट न होने का फायदा उठाकर ठेकेदार बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को ठग रहे हैं।
दिल्ली के पूर्व मेयर ने दर्ज कराई शिकायत
दिल्ली के पूर्व मेयर श्याम सुंदर अग्रवाल ने ज्वालामुखी मंदिर दर्शन के दौरान इस अवैध वसूली पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि बाहर से आने वाले श्रद्धालु स्थानीय व्यवस्थाओं से अनजान होते हैं। मंदिर के पास सुविधा देखकर वे गाड़ी पार्क करते हैं और वहां उनसे तय फीस से कई गुना अधिक रकम वसूल ली जाती है।
अग्रवाल ने आरोप लगाया कि नगर परिषद ने पार्किंग की नीलामी करके अपनी तिजोरी भर ली है, लेकिन उसके बाद ठेकेदारों पर कोई निगरानी नहीं रखी। अधिकारियों की लापरवाही के कारण ही ठेकेदार नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप कर बोर्ड पर स्पष्ट दरें लिखवाने की मांग उठाई है।
एसडीएम और ईओ ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
एसडीएम ज्वालामुखी संजीव शर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि पूर्व मेयर के साथ मामला सुलझा लिया गया है। उन्होंने संबंधित विभाग को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नियमों का सख्ती से पालन कराएगा ताकि किसी को परेशानी न हो।
वहीं नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अक्षित गुप्ता ने बताया कि शिकायत मिलते ही ठेकेदार को नोटिस भेजा गया है। ठेकेदार को अतिरिक्त पैसे वापस लौटाने का आदेश दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सूचना पट्ट पर छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं होगी और दोबारा गलती होने पर ठेका रद्द कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
Editor: Mukesh Kumar, Jwalamukhi