Bikaner News: राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में भारत और अमेरिका के सैनिकों ने संयुक्त सैन्य अभ्यास के तहत जोरदार ट्रेनिंग की। अभ्यास के दौरान आधुनिक तोपों और रॉकेट सिस्टम की गड़गड़ाहट गूंजती रही। दोनों सेनाओं ने विभिन्न घातक हथियार प्रणालियों का एक साथ संचालन कर अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन किया।
आधुनिक तोपखाने और एयर-डिफेंस सिस्टम का हुआ अभ्यास
इस संयुक्त अभ्यास में एम777 अल्ट्रा-लाइट होवित्जर, स्वदेशी धनुष तोप और पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर शामिल किए गए। इसके साथ ही एल70 एयर-डिफेंस गन और एम-लिड्स सिस्टम का भी सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया गया। सैनिकों ने फायरिंग की योजना और आपसी तालमेल को बेहतर बनाने पर पूरा ध्यान केंद्रित किया।
दोनों सेनाओं की विशेष निगरानी टीमों ने टारगेट पहचानने और सटीक हमले करने का सघन अभ्यास किया। जवानों ने आपात स्थिति में फायर ऑर्डर भेजने और लक्ष्य पर अचूक प्रहार करने की तकनीकों का आदान-प्रदान किया। इससे दोनों पक्षों को एक-दूसरे के संचार सिस्टम और गनरी तकनीकों को समझने का सीधा मौका मिला।
रणनीतिक साझेदारी और सैन्य क्षमता को मजबूत करने पर जोर
लक्ष्य साधने से लेकर कई अलग-अलग प्लेटफॉर्म से हमला करने तक के पूरे चक्र का अभ्यास किया गया। इस प्रक्रिया ने युद्ध क्षेत्र में दोनों देशों की त्वरित प्रतिक्रिया देने की क्षमता को काफी मजबूत किया। इस साझा अभ्यास से दोनों सेनाओं को कठिन परिस्थितियों में मिलकर काम करने का बहुमूल्य व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ।
पंद्रह सितंबर से शुरू हुआ यह सालाना संयुक्त सैन्य अभ्यास 22वां संस्करण है। इसका मुख्य उद्देश्य युद्ध नीतियों को सुधारना, संयुक्त अभियानों की तैयारी को नई ऊंचाई देना और रणनीति को मजबूत बनाना है। दोनों देशों के सैनिक अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर साथ मिलकर ट्रेनिंग कर रहे हैं ताकि सुरक्षा चुनौतियों का मिलकर मुकाबला किया जा सके।