निजी व्हाट्सएप ग्रुप में राय रखना अनुशासनहीनता नहीं, हिमाचल हाईकोर्ट ने एचआरटीसी कंडक्टर की बर्खास्तगी की रद्द

Share

- Advertisement -

Shimla News: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने एचआरटीसी के एक अनुबंध कंडक्टर की बर्खास्तगी के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी निजी व्हाट्सएप ग्रुप में सहकर्मियों के बीच अपने विचार साझा करना सोशल मीडिया पर सरकार की आलोचना नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने बर्खास्तगी आदेश को पूरी तरह मनमाना करार दिया।

निजी व्हाट्सएप ग्रुप में विचार रखना अनुशासनहीनता नहीं

न्यायाधीश ज्योत्स्ना रिवाल दुआ की अदालत ने कंडक्टर सुनील कुमार को हटाने का फैसला रद्द कर दिया। अदालत ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता को बिना किसी सेवा ब्रेक के निरंतर सेवा में माना जाए। इसके अलावा बर्खास्तगी के कारण रुके सभी सेवा लाभ, नियमितीकरण और वित्तीय लाभ तुरंत जारी करने के आदेश दिए गए।

सुनील कुमार की नियुक्ति कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से हुई थी। एचआरटीसी प्रबंधन ने अगस्त 2023 में सोशल मीडिया पर नीतियों की आलोचना के खिलाफ निर्देश जारी किए थे। इसके बाद कर्मचारियों ने निजी व्हाट्सएप ग्रुप बनाया। सितंबर 2023 में नए नियमों पर चर्चा के दौरान सुनील ने दो सामान्य संदेश भेजे थे।

विभागीय कार्रवाई की निष्पक्षता पर अदालत ने उठाए सवाल

प्रबंधन ने इन संदेशों को नियमों का उल्लंघन मानते हुए अक्टूबर 2023 में सेवाएं समाप्त कर दी थीं। हाईकोर्ट ने माना कि व्हाट्सएप एक निजी एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म है और सहकर्मियों की बातचीत पब्लिक डोमेन में नहीं आती। इसलिए इसे सोशल मीडिया गाइडलाइंस का उल्लंघन बताकर कार्रवाई नहीं की जा सकती।

अदालत ने विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए। कोर्ट ने पाया कि कारण बताओ नोटिस के समय ही प्रबंधन ने नौकरी से हटाने का मन बना लिया था। सुनवाई का मौका सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गया था। यह निर्णय कर्मचारियों की अभिव्यक्ति और निजी बातचीत को बड़ा कानूनी संरक्षण देता है।

Desh Raj
Desh Raj
Please wait....

Read more

Related News