Beijing News: पश्चिम एशिया में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच चीन ने शांति बहाली के प्रयास तेज कर दिए हैं। बीजिंग में ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक अल-सैद के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र को वैश्विक शक्तियों की आपसी खींचतान का अखाड़ा नहीं बनना चाहिए। दोनों देशों ने 20 सूत्रीय संयुक्त बयान जारी कर होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित नौवहन की अपील की है।
ईरान पर अमेरिका और इजरायल के संभावित नए हमलों की चर्चाओं के बीच चीन ने पश्चिम एशिया में कूटनीतिक सक्रियता बढ़ा दी है। रायटर के अनुसार, चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर बीजिंग पहुंचे ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक अल-सैद से मुलाकात की। वार्ता के दौरान राष्ट्रपति शी ने जोर देकर कहा कि पश्चिम एशिया और रणनीतिक खाड़ी क्षेत्र को बड़ी ताकतों के आपसी टकराव का मैदान नहीं बनना चाहिए। उन्होंने क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता बहाल करने के लिए अरब देशों के साथ मिलकर रचनात्मक भूमिका निभाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
ओमान के सुल्तान की ऐतिहासिक यात्रा और 20 सूत्रीय साझा बयान
साल 1978 में चीन और ओमान के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद किसी ओमानी राष्ट्राध्यक्ष की यह पहली चीन यात्रा है। बैठक के बाद दोनों देशों ने 20 बिंदुओं वाला एक व्यापक संयुक्त बयान जारी किया। इसमें वैश्विक व्यापार के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) से वाणिज्यिक जहाजों की सामान्य और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की गई। इसके साथ ही दोनों देशों ने अमेरिका और ईरान से संयम बरतने, टकराव का रास्ता छोड़ने और शांति बहाली के लिए पूर्व में हुए समझौतों के आधार पर सीधी बातचीत शुरू करने की अपील की।
शांति दूत भेजेंगे शी चिनफिंग, ईरान के सुरक्षा प्रमुख से भी हुई चर्चा
चीन के विदेश मंत्रालय के अनुसार, पश्चिम एशिया में शांति वार्ता को गति देने के लिए चीन के विशेष दूत झाई जून इसी महीने ईरान, ओमान और सऊदी अरब की आधिकारिक यात्रा करेंगे। उल्लेखनीय है कि अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक संवाद में चीन एक प्रमुख मध्यस्थ और गारंटर की भूमिका में उभर रहा है।
इस सिलसिले में ईरान के उप सुरक्षा प्रमुख अली बाघेरी कानी ने भी चीन का दौरा किया, जहां चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने उनसे विस्तृत चर्चा की। वांग यी ने ईरान की संप्रभुता और क्षेत्रीय सुरक्षा का समर्थन करते हुए सभी पक्षों से सैन्य टकराव के बजाय राजनीतिक और कूटनीतिक समाधान तलाशने पर जोर दिया।