रूस-यूक्रेन युद्ध के 1200 दिन पूरे होने पर बड़ा हवाई हमला, खारकीव अस्पताल और पावर ग्रिड तबाह

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Kyiv News: रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष के 1200 दिन पूरे होने पर रूसी सेना ने यूक्रेन पर अब तक का सबसे भीषण संयुक्त हवाई हमला किया है। 289 ड्रोन और 76 मिसाइलों से किए गए इस हमले में खारकीव का एक अस्पताल और नौ क्षेत्रों का पावर ग्रिड गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है।

रूस-यूक्रेन युद्ध को शुरू हुए 1200 दिन से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन दोनों देशों के बीच संघर्ष थमता नजर नहीं आ रहा है। रूसी सेना ने यूक्रेन के नागरिक और ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाते हुए व्यापक हवाई हमला किया है। इस हमले के कारण यूक्रेन के कई प्रमुख शहरों में बिजली और पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है, जिससे लाखों नागरिक गंभीर संकट में आ गए हैं।

2 नवंबर की रात रूसी मिसाइल खारकीव के सिटी क्लीनिकल अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग पर सीधे आकर गिरी। राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के अनुसार, अस्पताल पर हुए इस हमले में कम से कम 73 लोग घायल हुए हैं। खारकीव के मेयर इहोर तेरेखोव ने बताया कि धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि अस्पताल परिसर की इमारतों की 1000 से अधिक खिड़कियों के कांच टूट गए।

9 बड़े क्षेत्रों में बिजली ग्रिड को बनाया गया निशाना

यूक्रेनी रक्षा बलों के अनुसार, रूस ने एक ही रात में 289 ड्रोन और 76 मिसाइलें दागीं। इस सुनियोजित हमले में ओडेसा, चेरकासी, जितोमिर, विन्नित्सिया, खारकीव, नीप्रो, चेरनिव्त्सी, चेरनिहिव और रिवने सहित नौ बड़े क्षेत्रों की बिजली सप्लाई को निशाना बनाया गया।

जितोमिर के गवर्नर विटाली बुनेचको के मुताबिक, हमले के तुरंत बाद 1.8 लाख से अधिक लोग बिना बिजली के रहने को मजबूर हो गए। ओडेसा में ग्रिड को पूरी तरह ठप होने से बचाने के लिए आपातकालीन ब्लैकआउट लागू करना पड़ा है। वहीं, रूसी रक्षा मंत्रालय ने हमले की पुष्टि करते हुए दावा किया कि केवल उन्हीं ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया जो यूक्रेनी सेना और सैन्य कारखानों को बिजली दे रहे थे।

संयुक्त राष्ट्र ने जताई कड़ी आपत्ति

इस हमले से ठीक एक दिन पहले एक मानवीय सहायता वितरण केंद्र पर भी हमला हुआ था, जिसमें 33 नागरिकों की मौत हुई थी। संयुक्त राष्ट्र (UN) के मानवाधिकार मिशन की प्रमुख डेनिएल बेल ने कहा कि सहायता वितरण स्थल और समय की जानकारी पहले से सार्वजनिक थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि आम नागरिकों और अस्पतालों पर इस प्रकार के हमले अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का गंभीर उल्लंघन हो सकते हैं।

यूक्रेन का पलटवार: रूसी तेल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला

यूक्रेन ने भी रूसी सीमा के भीतर ड्रोन भेजकर जवाबी कार्रवाई की है। रूस के यारोस्लाव्ल क्षेत्र में स्थित एक प्रमुख तेल रिफाइनरी पर यूक्रेनी ड्रोन ने हमला किया। क्षेत्रीय गवर्नर मिखाइल येवरायेव के अनुसार, हमले के बाद रिफाइनरी में आग लग गई और दो कर्मचारी घायल हो गए। यूक्रेन लगातार रूसी ईंधन डिपो और ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बना रहा है ताकि युद्ध में रूसी सेना की रसद आपूर्ति को कमजोर किया जा सके।

अबू धाबी में शांति वार्ता की तैयारी

जमीनी मोर्चे पर भीषण तनाव के बीच कूटनीतिक स्तर पर शांति स्थापित करने की कोशिशें भी शुरू हो गई हैं। अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के अनुसार, अगले सप्ताह अबू धाबी में अमेरिका, रूस और यूक्रेन के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच बैठक प्रस्तावित है। इसके साथ ही अमेरिकी वार्ताकार ब्रुसेल्स में फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ और नाटो के प्रतिनिधियों से संभावित सुरक्षा गारंटी पर विचार-विमर्श करने जा रहे हैं।

सामरिक विशेषज्ञों का आकलन है कि रूस की हालिया आक्रामकता अमेरिकी राजनीति में आए बदलावों और सैन्य सहायता में आई कमी से भी प्रभावित है। हालांकि यूरोपीय देश यूक्रेन को समर्थन दे रहे हैं, लेकिन अमेरिकी हथियारों की आपूर्ति सीमित होने से यूक्रेन के सामने मोर्चे पर रक्षा प्रणाली बनाए रखने की कड़ी चुनौती बनी हुई है।

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