London News: ब्रिटेन में चर्चित हत्याकांड में बेटे की मदद करने की दोषी भारतीय महिला किरण कौर को भारत वापस भेजने की तैयारी तेज हो गई है। ब्रिटेन के गृह मंत्रालय ने साफ किया है कि विदेशी अपराधियों को जल्द से जल्द उनके देश डिपोर्ट करने की सरकारी नीति के तहत यह कदम उठाया जाएगा।
किरण कौर (53) को इस साल जुलाई में तीन साल की जेल हुई थी। उन्होंने अपने बेटे विक्रम डिगवा द्वारा 18 वर्षीय हेनरी नोवाक की हत्या में इस्तेमाल चाकू को छिपाने में मदद की थी। विक्रम डिगवा को इस अपराध में अदालत ने न्यूनतम 21 साल की अनिवार्य अवधि के साथ उम्रकैद सुनाई है।
जेलों पर दबाव घटाने के तहत रिहाई और निर्वासन
ब्रिटेन सरकार जेलों पर बढ़ रहे भारी दबाव को कम करने की योजना के तहत किरण को समय से पहले रिहा कर सकती है। इसके तुरंत बाद उनके निर्वासन की कानूनी प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। ब्रिटेन के नियम के अनुसार 12 महीने से अधिक सजा पाने वाले विदेशी नागरिकों को देश से बाहर भेजा जाता है।
मामले में आरोपी पक्ष ने हथियार को धार्मिक प्रतीक किरपान बताते हुए बचाव की दलील दी थी। हालांकि अदालत ने इस तर्क को पूरी तरह खारिज कर दिया। जज ने कहा कि किरपान आस्था का प्रतीक है, हिंसा का नहीं। जिम्मेदार अभिभावक के रूप में बेटे को रोकने के बजाय किरण ने हथियार छिपाया था।
अपील कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई तय
अदालत ने सजा तय करते हुए माना कि किरण ने बेटे के बचाव में गलत कदम उठाया और उनके दोबारा अपराध करने का खतरा नहीं है। किरण कौर ने अपनी तीन साल की सजा के खिलाफ अपील दायर की है। ब्रिटिश अपील कोर्ट में 5 नवंबर को किरण और उनके बेटे विक्रम की याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई होगी।
