Mumbai News: नेपाल और चीन सीमा पर अचानक आई बाढ़ में फंसे महाराष्ट्र के 106 पर्यटकों को बड़े बचाव अभियान के बाद सुरक्षित निकाल लिया गया है। पर्यटकों का पहला ग्रुप शुक्रवार को भारत लौट आया। शनिवार को 84 अन्य नागरिकों के लौटने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लोगों से बात की।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि यह त्वरित बचाव अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के सीधे हस्तक्षेप के कारण सफल हुआ। दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तालमेल से राहत कार्य में तेजी आई। राज्य की टीमें रायगढ़, अहिल्यानगर, नासिक, पुणे, मुंबई और नागपुर के सभी नागरिकों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
नागपुर के सभी 106 नागरिक सुरक्षित भारत पहुंचे
नागपुर जिले के सभी 106 नागरिक पूरी तरह सुरक्षित पाए गए हैं। इनमें से 4 पर्यटकों को सीधे फ्लाइट से नई दिल्ली लाया गया। वहीं 102 पर्यटक बस के जरिए बिहार के पटना पहुंचे। यह दल रात में पटना में रुका और फिर शनिवार सुबह 7:00 बजे ट्रेन के जरिए नागपुर के लिए रवाना हुआ।
अहिल्यानगर, नासिक, पुणे और मुंबई के 45 सदस्यों का एक टूर ग्रुप चितवन में सुरक्षित पहुंच गया। काठमांडू के रास्तों पर भारी ट्रैफिक जाम के चलते इस समूह ने लुंबिनी का नया रूट चुना और अयोध्या के रास्ते भारत में प्रवेश किया। इसके अलावा रायगढ़ के 37 तीर्थयात्री पहाड़ों के वैकल्पिक रास्ते से काठमांडू पहुंचे।
मंत्रालय में 24 घंटे चलने वाला वॉर रूम शुरू
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने भारी बाढ़ को देखते हुए मुंबई सचिवालय में चौबीसों घंटे चलने वाला वॉर रूम तैयार किया है। नागरिक किसी भी जरूरी जानकारी या मदद के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1070 पर संपर्क कर सकते हैं। जिला कलेक्टरों को डिजिटल जियो-ट्रैकिंग के जरिए रियल-टाइम डाटा जुटाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
प्रभावित परिवार अपनी सटीक लोकेशन साझा करने के लिए राज्य सरकार के आधिकारिक पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं। महाराष्ट्र का आपदा प्रबंधन विभाग विदेश मंत्रालय और नेपाल के स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में है। सरकार का मुख्य उद्देश्य वहां मौजूद हर एक नागरिक की सुरक्षित और समय पर घर वापसी सुनिश्चित करना है।