Tehran News: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका को सख्त संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ईरान को न तो धमकाया जा सकता है और न ही किसी लालच से झुकाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को ईरान के साथ अलग तरीके से बातचीत करनी होगी।
अराघची ने मेहर न्यूज को दिए इंटरव्यू में बताया कि 12 दिन के युद्ध से पहले अमेरिका ने शून्य यूरेनियम संवर्धन की मांग की थी। ईरान ने इस शर्त को गैरकानूनी और अव्यावहारिक बताते हुए तुरंत ठुकरा दिया था। मांग पूरी न होने पर अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई का रास्ता चुना।
अमेरिकी दूत से बातचीत और बुनियादी ढांचे के प्रस्ताव का दावा
अराघची ने अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ के साथ हुई बातचीत का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि ईरानी नेतृत्व ने हर पल मंडराते खतरों के बावजूद अपने रुख से पीछे हटने से इनकार कर दिया। हमने लगातार धमकियों का सामना किया है, लेकिन हमारे इरादे पूरी तरह मजबूत रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने कुछ रियायतों के बदले बिजली संयंत्र और इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने का लालच भी दिया था। इसे खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि ईरान कोई वेनेजुएला नहीं है, जहां किसी एक व्यक्ति को पकड़ने से बाकी लोग पीछे हट जाएंगे। यहां कोई रिश्वत या धमकी काम नहीं करेगी।