Paris News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस में भड़के दंगों और विरोध प्रदर्शनों पर कड़ा बयान दिया है। उन्होंने इसके लिए फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की प्रवासन नीति को जिम्मेदार ठहराया। ट्रंप ने दावा किया कि अगर मैक्रों उनकी सलाह मानते, तो फ्रांस को आज इन गंभीर हालातों का सामना नहीं करना पड़ता।
व्हाइट हाउस के बाहर ट्रंप ने कहा कि उन्होंने मैक्रों को कई साल पहले ही चेताया था। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े पैमाने पर प्रवासियों के आने से पेरिस की आबादी का संतुलन बिगड़ गया है। ट्रंप ने टिप्पणी की कि दुनिया भर के लोगों को प्रवेश देकर फ्रांस ने बड़ी गलती की है।
हिंसा के बाद पेरिस समेत कई शहरों में लगा कर्फ्यू
पेरिस, लिले और नीस जैसे प्रमुख शहरों में भीषण लूटपाट और पुलिस से हिंसक झड़पों के बाद कर्फ्यू लगा दिया गया है। प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने कुछ संवेदनशील इलाकों में पाबंदियां लागू की हैं। जरूरत पड़ने पर आपातकाल लगाने का विकल्प भी खुला रखा गया है। पुलिस ने राजधानी में प्रदर्शनों पर रोक लगाई है।
गृह मंत्रालय के मुताबिक, हिंसा के दौरान लगभग 2,400 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 1,000 पुलिसकर्मी घायल हुए। शनिवार को एक प्रदर्शनकारी की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। वहीं, 3,000 से अधिक दुकानें प्रभावित होने के बाद व्यापारियों ने नुकसान की भरपाई के लिए सरकारी मदद की गुहार लगाई है।
राष्ट्रपति मैक्रों ने की तोड़फोड़ की कड़ी निंदा
टेलीविजन संबोधन में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने हिंसा और तोड़फोड़ पर कड़ा रोष जताया। उन्होंने कहा कि देश के खिलाफ ऐसी हरकतों को किसी भी तरह जायज नहीं ठहराया जा सकता। मैक्रों ने स्पष्ट किया कि जायज मांगों को उपद्रवियों की हरकतों से अलग देखना होगा। स्थानीय प्रशासन को सार्वजनिक सुरक्षा के कड़े अधिकार दिए गए हैं।
