Beijing News: गूगल के पूर्व इंजीनियर द्वारा बौद्धिक संपदा और एआई टेक्नोलॉजी चोरी के मामले में अमेरिका ने पांच चीनी कंपनियों पर बैन लगा दिया है। चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने अमेरिकी सरकार के इस फैसले की कड़ी निंदा करते हुए इसे चीनी कंपनियों के अधिकारों पर हमला बताया है।
लिनवेई डिंग से जुड़ी कंपनियों पर अमेरिकी विदेश मंत्रालय की कार्रवाई
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने पूर्व गूगल इंजीनियर लिनवेई डिंग से जुड़ी शंघाई झिसुआन टेक्नोलॉजी और मिरेकलप्लस सहित पांच कंपनियों पर पाबंदी लगाई है। अमेरिका का आरोप है कि झिसुआन ने अमेरिकी नागरिकों और संस्थाओं के महत्वपूर्ण व्यापारिक रहस्यों की बड़े पैमाने पर जानबूझकर चोरी की और उसका फायदा उठाया।
डिंग पर 2024 में गूगल से एआई ट्रेड सीक्रेट्स चुराने के आरोप लगे थे। वह उस समय चीन की दो कंपनियों के लिए गुपचुप काम कर रहे थे। सैन फ्रांसिस्को की फेडरल जूरी ने उन्हें दोषी ठहराया था। बाद में जज ने आर्थिक जासूसी आरोप हटाकर बारह महीने जेल की सजा सुनाई थी।
चीन ने नकारा चोरी का आरोप, तकनीकी विकास को अपनी उपलब्धि बताया
अमेरिकी न्याय विभाग ने डिंग पर आर्थिक जासूसी के आरोप खारिज होने के खिलाफ अपील दायर की है। वहीं चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने अमेरिका से अपनी गलती सुधारने को कहा है। बीजिंग ने साफ किया कि वह अपने हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।
चीनी मंत्रालय ने कहा कि देश का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विकास बुनियादी रिसर्च, भारी निवेश और स्वतंत्र नवाचार का नतीजा है। चीन ने दो टूक कहा कि उसकी तकनीकी सफलताओं का तथाकथित सीक्रेट्स की चोरी से कोई लेना-देना नहीं है। अमेरिकी प्रतिबंध पूरी तरह से अनुचित और एकतरफा कार्रवाई हैं।
