Tel Aviv News: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में एक बड़ा हादसा टल गया। ओमान के सह-पायलट ने कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित माछर पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला कर दिया। इसके बावजूद कैप्टन और चार साहसी यात्रियों ने मिलकर हमलावर को काबू किया और 180 लोगों की जान बचाई।
विमान में 174 यात्री और 6 क्रू मेंबर सवार थे। इनमें 27 बच्चे भी शामिल थे। हमले में कैप्टन माछर बुरी तरह घायल हो गए थे। उनके सिर और हाथ पर कुल्हाड़ी से गहरे वार किए गए। इसके बावजूद उन्होंने बेहोश होने से पहले कॉकपिट का दरवाजा खोलकर क्रू और यात्रियों को अंदर बुला लिया।
यात्रियों की बहादुरी से टला विमान क्रैश का बड़ा खतरा
दरवाजा खुलते ही प्लंबर यानिव हयून सबसे पहले कॉकपिट में घुसे। उन्होंने हमलावर को पीछे खींचा और मेडे टीवी शो से मिली जानकारी के आधार पर विमान को संतुलित किया। उनके साथ बिजनेसमैन असाफ राजुआन भी कॉकपिट में आए। उन्होंने खून से सने हमलावर को लगभग 50 मिनट तक काबू में रखा।
हालात को संभालने के लिए बैंकर ज्विका मानेस भी आगे आए। उन्होंने यात्रियों के हेडफोन के तारों से हमलावर को मजबूती से बांध दिया। वहीं, फ्लाइट में मौजूद डेंटिस्ट शोता मुसायेव ने कैप्टन माछर का तुरंत इलाज शुरू किया। उन्होंने तेजी से बह रहे खून को रोककर पायलट की जान बचा ली।
सऊदी अरब में हुई विमान की सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग
हमलावर के काबू में आने के बाद दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने विमान की कमान संभाली। उन्होंने विमान का रास्ता बदलकर सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित लैंडिंग कराई। भारत के पीएम नरेंद्र मोदी और इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने भारतीय कैप्टन की तारीफ की। नेतन्याहू ने यानिव हयून से मिलकर उन्हें सम्मानित किया।