Washington: मध्य पूर्व में जारी भारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान सामने आया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की द्वारा रूस पर ईरान को सीक्रेट सैटेलाइट जानकारी देने के आरोपों पर ट्रंप ने कहा कि वह इस मामले में सीधे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से सवाल करेंगे।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वाशिंगटन इस बात की पूरी गहराई से जांच करेगा कि क्या रूस वाकई ईरान को अमेरिकी सैन्य ठिकानों की सैटेलाइट तस्वीरें दे रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर रूस ने मदद की भी है, तो भी युद्ध मैदान पर इसका कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है।
ईरान की सैन्य ताकत पर डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा तंज
ईरान की सैन्य क्षमता पर हमला बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि उनके पास न तो प्रभावी सेना है, न मजबूत एयरफोर्स और न ही नेवी मौजूद है। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान को बुरी तरह से हराया है, इसलिए किसी भी रूसी मदद का अब कोई विशेष महत्व नहीं रह जाता।
वाशिंगटन में बेंजामिन नेतन्याहू और ट्रंप की आज मुलाकात
इस बीच इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू आज वाशिंगटन में डोनाल्ड ट्रंप से खास मुलाकात करेंगे। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका और ईरान ने एक-दूसरे पर हमले रोक रखे हैं। नेतन्याहू ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म करने के ट्रंप के प्रयासों का समर्थन कर रहे हैं।
इजराइली प्रधानमंत्री ने चेतावनी दी कि यदि ईरान या उसके सहयोगियों ने दोबारा इजराइल पर हमला किया, तो यह उसकी सबसे बड़ी भूल होगी। वहीं संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत माइक वाल्ट्ज ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति ट्रंप फिलहाल युद्ध के बजाय कूटनीति और बातचीत को थोड़ा और समय देना चाहते हैं।
ओमान और अन्य मध्यस्थों के जरिए ईरान के साथ सीनियर लेवल पर लगातार संपर्क बना हुआ है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक इस प्रकार के सैन्य तनाव को झेलना न तो अमेरिका के लिए आसान है और न ही ईरान के लिए यह ज्यादा समय तक संभव होगा।