Beijing News: भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने अपनी चीन यात्रा के दौरान बीजिंग में उप विदेश मंत्री हुआ चुनयिंग और अन्य शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, आर्थिक संबंधों, जन-संपर्क और सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बनाए रखने जैसे महत्वपूर्ण द्विपक्षीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बीजिंग में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि इस बैठक में भारत-चीन संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की गई। दोनों देशों के नेताओं की उस सोच को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी, जिसमें भारत और चीन को एक-दूसरे का सहयोगी और विकास के लिए अवसर माना गया है।
भारत-चीन सीमा पर शांति और आर्थिक सहयोग पर जोर
बातचीत के दौरान व्यापार, आर्थिक साझेदारी, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और लोगों के आपसी संपर्क को बढ़ाने के उपायों पर विचार किया गया। दोनों पक्षों ने माना कि दोनों देशों के बीच बेहतर संबंधों के लिए भारत-चीन सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए मिलकर काम किया जाएगा।
विक्रम मिसरी ने कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति की उपमंत्री सुन हाइयान से भी मुलाकात की। इस दौरान शीर्ष नेताओं के निर्देशों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर बात हुई। बातचीत में प्राथमिक मुद्दों के समाधान और राजनीतिक, शैक्षणिक तथा विचार मंच स्तर पर आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर सहमति बनी।
विदेश सचिव ने चीनी जन राजनीतिक सलाहकार सम्मेलन की राष्ट्रीय समिति के उप महासचिव हांग लियांग से भी बातचीत की। दूतावास के अनुसार, इस बैठक में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर आपसी संबंधों को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा हुई। मिसरी की यह यात्रा दोनों देशों के रिश्तों में सकारात्मक बदलाव ला रही है।
यह महत्वपूर्ण दौरा जुलाई में मनीला में विदेश मंत्री एस. जयशंकर और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच हुई मुलाकात के बाद हुआ है। सीमा पर तनाव के बाद दोनों देश अब रिश्ते बेहतर कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात के बाद उड़ानें, वीजा और कैलाश मानसरोवर यात्रा शुरू हुई थी।