New Delhi News: भारतीय रिजर्व बैंक जल्द ही बाजार में 10 रुपये और 20 रुपये के प्लास्टिक (पॉलीमर) नोट जारी करेगा। केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद आरबीआई कुल 200 करोड़ पॉलीमर नोटों का ट्रायल शुरू कर रहा है। पुराने कागजी नोट भी बाजार में पूरी तरह वैध रहेंगे और उनका चलन बना रहेगा।
संसद के मानसून सत्र में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में इस बात की पुष्टि की। सरकार ने 10 रुपये और 20 रुपये के 100-100 करोड़ यानी कुल 200 करोड़ पॉलीमर नोटों के ट्रायल को हरी झंडी दे दी है। इस कदम से फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और नोटों की उम्र बढ़ेगी।
आरबीआई की नोट प्रिंटिंग यूनिट ने जारी किया टेंडर
प्रोजेक्ट को शुरू करने के लिए आरबीआई की नोट-प्रिंटिंग यूनिट ने एडवांस्ड सिक्योरिटी फीचर्स वाली पॉलीमर सबस्ट्रेट शीट की सप्लाई का टेंडर जारी किया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंपनियों से बोलियां मंगाई गई हैं, जिसकी अंतिम तारीख 18 अगस्त है। कच्चे माल की सप्लाई पूरी होने के बाद नोटों की छपाई होगी।
जानिए प्लास्टिक नोटों की खासियत और फायदे
पॉलीमर बैंकनोट खास प्लास्टिक मटीरियल पर प्रिंट होते हैं। यह नोट सामान्य कागजी नोटों की तरह हल्के होते हैं, लेकिन इनकी उम्र काफी ज्यादा होती है। यह नोट पानी में गलते नहीं हैं, धूल-गंदगी से खराब नहीं होते और आसानी से फटते भी नहीं हैं, जिससे बार-बार छपाई का खर्च बचेगा।
वित्त वर्ष 2024-25 में कागजी नोटों की छपाई पर आरबीआई ने 6,372.8 करोड़ रुपये खर्च किए थे। पॉलीमर शीट पर एडवांस सिक्योरिटी फीचर्स शामिल करना बेहद आसान होता है। इस पर होलोग्राम और विशेष रंग बदलने वाली स्याही का सटीक इस्तेमाल हो सकता है। इससे नकली नोटों का फर्जीवाड़ा रोकना बहुत आसान हो जाएगा।
बाजार में चरणबद्ध तरीके से होगी एंट्री
रिजर्व बैंक ने स्पष्ट किया है कि पॉलीमर नोट आने से मौजूदा कागजी नोट बंद नहीं होंगे। दोनों तरह के नोट बाजार में एक साथ इस्तेमाल होंगे। नए प्लास्टिक नोटों की बाजार में एंट्री अचानक न होकर चरणबद्ध तरीके से होगी। कागजी नोट सामान्य रूप से सर्कुलेशन में बने रहेंगे।
भारत में पॉलीमर करेंसी लाने का पहला प्रयास साल 2012 में हुआ था, लेकिन तकनीकी वजहों से प्रोजेक्ट रुक गया था। व्यापक समीक्षा के बाद अब इस प्रोजेक्ट को फिर शुरू किया गया है। ग्लोबल स्तर पर ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, ब्रिटेन और न्यूजीलैंड समेत 60 से अधिक देशों में पॉलीमर बैंकनोट्स चल रहे हैं।