Kathmandu News: नेपाल में भीषण त्रासदी के बीच भोटेकोशी नदी का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा है। पानी के अचानक बढ़ते तेज बहाव और गर्जना को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण ने रसुवा, नुवाकोट और धादिंग जिलों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है।
प्राधिकरण ने नदी के निचले इलाकों में रहने वाले स्थानीय निवासियों और राहत-बचाव टीमों को अत्यधिक सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। रसुवा में नेपाल-चीन सीमा के समीप रहने वाले लोगों को जलस्तर पर लगातार नजर रखने को कहा गया है। आपातकालीन सेवाओं और स्थानीय प्रशासन को स्टैंडबाय मोड पर रखा गया है।
बीते 26 अगस्त की बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में बढ़ी चिंता
एनडीआरआरएमए ने बयान जारी कर बताया कि रसुवा जिला प्रशासन को नदी में उफान और तेज आवाज की सूचना मिली है। इसके चलते तीनों जिलों के नदी तटीय क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया गया है। यह चेतावनी उन जिलों के लिए जारी की गई है, जो 26 अगस्त की फ्लैश फ्लड से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए थे।
भोटेकोशी नदी की इस भीषण बाढ़ में मरने वालों का कुल आंकड़ा बढ़कर 675 तक पहुंच चुका है, जबकि 2,418 लोग अब भी लापता हैं। लापता लोगों में 287 भारतीय नागरिक और भारतीय मूल के 128 लोग भी शामिल हैं, जिनकी तलाश के लिए बड़े पैमाने पर बचाव कार्य जारी है।
पनबिजली परियोजना से चार और भारतीय नागरिकों को बचाया गया
बचाव अभियान के दौरान रसुवा की एक पनबिजली परियोजना से चार भारतीय नागरिकों रिपु कुमार, चनेश्वर नर्ज़री, कृपा शंकर और मोहम्मद मिन्हाजुद्दीन को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इन सभी को सुरक्षित काठमांडू पहुंचा दिया गया है। इसके साथ ही प्रभावित क्षेत्रों से बचाए गए भारतीय नागरिकों की संख्या 88 हो गई है।