Dehradun News: देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित राज्योत्सव समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश की 15 विभूतियों को उत्तराखंड गौरव सम्मान पुरस्कार से नवाजा। इसके साथ ही लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी और अभिनेता हेमंत पांडेय को लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार प्रदान किया गया। समारोह में विभिन्न आपदाओं व संकट में अदम्य साहस दिखाने वाले छह बच्चों को प्रथम मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।
राज्योत्सव के अवसर पर परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य समारोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया। राजनीतिक एवं शासकीय क्षेत्र में अमूल्य योगदान के लिए पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (से.नि.) भुवन चंद्र खंडूड़ी को मरणोपरांत उत्तराखंड गौरव सम्मान प्रदान किया गया, जिसे उनके पुत्र मनीष खंडूड़ी ने ग्रहण किया।
इन विभूतियों को मिला उत्तराखंड गौरव सम्मान
समारोह में कला, समाज, चिकित्सा और पर्यावरण सहित विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट कार्य करने वाली हस्तियों को सम्मानित किया गया:
- चिकित्सा: डॉ. जीवन सिंह तितियाल
- उद्यमिता: मनमोहन भारद्वाज
- सिनेमा: अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी
- लोक गायन व संस्कृति: हेमा नेगी करासी (जागर गायन) और रेशमा शाह (लोक गायन)
- शिक्षा एवं पत्रकारिता: डॉ. गिरीश रंजन तिवारी
- सामाजिक क्षेत्र: अनीता थपलियाल शर्मा और कश्मीर सिंह
- पर्यावरण संरक्षण: पर्यावरणविद् सुरेश भाई
खेल जगत की पांच प्रतिभाएं सम्मानित
उत्तराखंड का नाम राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने वाली खेल जगत की पांच हस्तियों को भी गौरव सम्मान से नवाजा गया। इनमें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर एकता बिष्ट, हॉकी खिलाड़ी वंदना कटारिया, धाविका अंकिता ध्यानी, मुक्केबाज निकिता चंद और खिलाड़ी कपिल पोखरिया शामिल हैं।
छह साहसी बच्चों को मिला प्रथम राज्य बाल वीरता पुरस्कार
महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से पहली बार शुरू किए गए ‘मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार’ से प्रदेश के छह बच्चों को सम्मानित किया गया। केंद्रीय गृह मंत्री और मुख्यमंत्री ने इन साहसी बच्चों को पदक, प्रशस्ति पत्र और डीबीटी के माध्यम से 51-51 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की।
सम्मानित होने वाले बच्चों में शामिल हैं:
- चमोली: दिव्या, दीपिका और आरव सिंह
- चंपावत: माया
- देहरादून: आराध्या
- टिहरी: श्वेता
इन बच्चों ने भालू के हमले से साथी की जान बचाने, नदी के तेज बहाव में फंसी बालिका की रक्षा करने और आपदा के समय 17 लोगों को समय रहते सतर्क कर सुरक्षित निकालने जैसे साहसिक कार्य किए हैं।