Vrindavan News: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा भगवान श्रीकृष्ण पर दिए गए बयान को लेकर उपजे विवाद के बीच वृंदावन के संत और धर्माचार्य उनके समर्थन में आ गए हैं। शुक्रवार को रमनरेती मार्ग पर आयोजित बैठक में संतों ने सपा नेताओं के आरोपों का जवाब देते हुए एकजुटता का आह्वान किया।
बागेश्वर पीठाधीश्वर आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दिए गए बयान के बाद तीर्थनगरी वृंदावन में चर्चाएं तेज हो गई हैं। सोशल मीडिया पर उठे इस विवाद के विरोध में अब विभिन्न संप्रदायों के संत, धर्माचार्य और कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री के पक्ष में लामबंद हो गए हैं। शुक्रवार को रमणरेती मार्ग स्थित एक होटल में संतों और कथावाचकों की विशेष बैठक हुई, जिसमें बयान को बेवजह तूल देने का आरोप लगाते हुए शास्त्री का खुला समर्थन किया गया।
भावनात्मक बयान को तूल देने का आरोप
बैठक की अध्यक्षता करते हुए कथावाचक डॉ. कृष्णचंद्र शास्त्री (ठाकुरजी) ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री देशभर में सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार में लगे हुए हैं। उन्हें कमजोर करने की नीयत से उनके एक भावनात्मक बयान को अनावश्यक रूप से विवाद का रूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सनातन समाज को ऐसे विवादों से भ्रमित होने के बजाय एकजुट होकर धीरेंद्र शास्त्री के साथ खड़ा होना चाहिए।
संत गोविंदानंद तीर्थ ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण में कोई भेद नहीं किया है। दोनों ही स्वरूपों ने अधर्म के नाश और धर्म की रक्षा के लिए अवतार लिया था। कुछ लोग जानबूझकर इस विषय को विवादित बना रहे हैं।
एकजुट होकर जवाब देने का आह्वान
कथावाचक आचार्य मृदुलकांत शास्त्री और संजीव कृष्ण ठाकुर ने कहा कि सनातन धर्म को बदनाम करने की कोशिश करने वालों को समाज की ओर से एकजुट होकर जवाब दिया जाएगा। वहीं, धर्म प्रचारक कार्ष्णि नागेंद्र गौड़ ने स्पष्ट किया कि पूरा संत समाज और भागवत कथा प्रवक्ता धीरेंद्र शास्त्री के साथ मजबूती से खड़े हैं।
इस बैठक में रसराज महाराज, रोहित रिछारिया, विनय त्रिपाठी, शिवम साधक, देवभूति गोस्वामी, संजय हरियाणा, पूर्णेंदु गोस्वामी, स्वामी देवानंद, कृष्णानंद महाराज सहित कई अन्य संत और धर्माचार्य उपस्थित रहे।