कूनो नेशनल पार्क में 19 महीने के चीते की गोली मारकर हत्या, 3 शिकारी गिरफ्तार

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Morena News: मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क क्षेत्र में 19 महीने के एक नर चीते की गोली मारकर हत्या करने के मामले में एसटीएफ और पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। संयुक्त टीम ने तीन आरोपियों को दो भरमार बंदूकों के साथ गिरफ्तार किया है। वहीं मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में वन विभाग के दो रेंजर और एक डिप्टी रेंजर समेत कई कर्मचारियों को निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई है।

मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में 19 महीने के एक नर चीते का शिकार किए जाने के गंभीर मामले में पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की जांच तेज हो गई है। प्रारंभिक जांच के अनुसार चीते को शिकार करने की नीयत से गोली मारी गई थी। इस मामले में कार्रवाई करते हुए सुरक्षा बलों ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से दो देशी भरमार बंदूकें बरामद की हैं। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दिया गया है।

जांच अभियान के तहत एसटीएफ ने मुरैना और आसपास के क्षेत्रों में कई स्थानों पर दबिश दी। इस दौरान करीब 25 से 30 संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। सूत्रों के मुताबिक पकड़े गए मुख्य आरोपियों की पहचान भगवान सिंह, विनोद और राजबीर के रूप में हुई है। इसके अतिरिक्त एक दंपती और एक अन्य संदिग्ध शिकारी की संलिप्तता की भी सघनता से जांच की जा रही है।

लापरवाही पर वन विभाग के अधिकारियों व कर्मियों पर निलंबन की कार्रवाई

चीते की मौत के बाद सुरक्षा और निगरानी में चूक को लेकर वन विभाग ने विभागीय स्तर पर सख्त कदम उठाए हैं। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, श्योपुर और मुरैना सामान्य वन मंडल से जुड़े दो रेंजर, एक डिप्टी रेंजर और नाकेदार सहित 8 से 10 वनकर्मियों को निलंबित किया गया है।

कार्रवाई के दायरे में पहाड़गढ़ के रेंजर आकाश तोमर, विजयपुर पश्चिम के रेंजर जाहर सिंह गौड़ और डिप्टी रेंजर कीर्ति शांडिल्य शामिल बताए जा रहे हैं। इन अधिकारियों और कर्मचारियों पर ड्यूटी के दौरान लापरवाही बरतने का आरोप है।

पार्क प्रबंधन की भूमिका पर सवाल और जांच जारी

इस पूरे घटनाक्रम में यह बात भी सामने आई है कि निलंबन की यह कार्रवाई सामान्य वन मंडल के कर्मचारियों पर हुई है, जबकि कूनो नेशनल पार्क के मूल कर्मचारियों के खिलाफ अब तक किसी अनुशासनात्मक कार्रवाई की बात सामने नहीं आई है। एसटीएफ और पुलिस की टीमें अभी भी आधा दर्जन से अधिक संदिग्धों से पूछताछ कर रही हैं। हालांकि, इन गिरफ्तारियों और विभागीय निलंबन को लेकर वन विभाग अथवा पुलिस मुख्यालय की ओर से औपचारिक आधिकारिक बयान जारी होना अभी शेष है। जांच पूरी होने के बाद ही शिकार के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकेगा।

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