उत्तर प्रदेश में भारी बारिश से 65 हजार किलोमीटर सड़कें क्षतिग्रस्त, त्योहारों से पहले गड्ढामुक्त करने के लिए 300 करोड़ रुपये मंजूर

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Lucknow News: उत्तर प्रदेश में भारी बारिश और खराब निर्माण कार्य के कारण 65 हजार किलोमीटर से अधिक सड़कें बुरी तरह टूट चुकी हैं। लगातार बढ़ते हादसों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। शासन के आदेश पर विभिन्न विभागों ने क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का काम लगभग 300 करोड़ रुपये की लागत से तेजी से शुरू कर दिया है।

प्रदेश में सभी विभागों के पास लगभग 5.34 लाख किलोमीटर लंबा सड़क नेटवर्क मौजूद है। इनमें से 65,093 किलोमीटर मार्ग गड्ढों में तब्दील हो चुके हैं। आगामी त्योहारों को देखते हुए राज्य सरकार ने समय पर काम पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। लोक निर्माण विभाग समेत कई एजेंसियों ने अपने क्षेत्रों में पैचवर्क का काम तेज कर दिया है।

त्योहारों से पहले सड़कों को गड्ढामुक्त करने का मिला सख्त निर्देश

लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव अजय चौहान ने अधिकारियों को तेजी से काम निपटाने के कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने फील्ड अफसरों की जवाबदेही तय करने के साथ दैनिक समीक्षा के लिए विशेष टीम गठित की है। हालांकि मंडी परिषद, पंचायती राज और सिंचाई विभाग जैसे प्रमुख महकमों ने अभी तक अपने दायित्व वाले मार्गों पर मरम्मत का काम शुरू नहीं किया है।

विभाग के सलाहकार वीके सिंह के मुताबिक प्रतिवर्ष बारिश के बाद गड्ढे भरने पर 250 से 300 करोड़ रुपये का बजट खर्च होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पानी का जमाव और लगातार बारिश डामर की सड़कों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाती है। यूरोपीय देशों में ठंडे मौसम के कारण यह समस्या कम दिखती है, जबकि शहरों में चोक नालियां मुख्य वजह बनती हैं।

सरकारी विभागों में मरम्मत कार्य की रफ्तार पर एक नजर

सड़क मरम्मत अभियान के तहत अब तक कुल 12,228 किलोमीटर सड़कों को ठीक किया जा चुका है। पीडब्ल्यूडी ने अपनी 47,019 किलोमीटर क्षतिग्रस्त सड़कों में से 9,941 किलोमीटर मार्ग दुरुस्त कर लिया है। वहीं नगर विकास विभाग ने 15,363 में से 1,950 किलोमीटर और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ी एजेंसियों ने लगभग 331 किलोमीटर हिस्से में गड्ढे पूरी तरह भर दिए हैं।

Right News Desk
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लॉ और पत्रकारिता स्नातक, पत्रकारिता में 11 वर्ष का अनुभव

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