Ayodhya News: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के प्रशासनिक प्रबंधन को मजबूत करने के लिए नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। देश भर से आए 5,200 आवेदनों में से शॉर्टलिस्ट किए गए 18 उम्मीदवारों का इंटरव्यू मंगलवार, 11 अगस्त से अयोध्या में शुरू हुआ।
3 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति कर रही है साक्षात्कार
मंदिर परिसर के पैसेंजर फैसिलिटेशन सेंटर में आयोजित दो दिवसीय इंटरव्यू के लिए तीन सदस्यीय चयन समिति गठित की गई है। सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस प्रमोद कोहली की अध्यक्षता वाली इस समिति में रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी और परमाणु वैज्ञानिक सुरेश हावड़े शामिल हैं।
सेना, शिक्षा और कॉरपोरेट जगत के दिग्गज रेस में शामिल
प्रारंभिक बातचीत के बाद 55 में से 18 उम्मीदवारों का अंतिम साक्षात्कार के लिए चयन किया गया है। इन अभ्यर्थियों में सेना, शिक्षा और कॉरपोरेट क्षेत्र के कई अनुभवी चेहरे शामिल हैं। इस पद के लिए आयु सीमा 50 से 70 वर्ष निर्धारित की गई है।
3 शीर्ष नामों की रिपोर्ट के बाद 2 सितंबर को होगी घोषणा
साक्षात्कार प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयन समिति तीन सबसे योग्य उम्मीदवारों की रिपोर्ट तैयार कर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपेगी। ट्रस्ट इस रिपोर्ट पर अंतिम विचार-विमर्श करने के बाद 2 सितंबर को नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी के नाम की आधिकारिक घोषणा करेगा।
प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए लिया गया फैसला
जून में मंदिर परिसर में वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की पहल की गई थी। इसके बाद 6 जुलाई को हुई बोर्ड बैठक में एक स्थायी मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया था।