Indore News: राजस्थान के जैसलमेर में सड़क हादसे के दौरान शहीद हुए इंदौर के मेजर हमजा आरिफ को रविवार को अंतिम विदाई दी गई। उन्हें पूरे सैन्य और राजकीय सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया गया। अपने लाडले वीर सपूत के अंतिम दर्शन के लिए हजारों लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।
रविवार सुबह मेजर हमजा आरिफ का पार्थिव शरीर महू सैन्य छावनी लाया गया। यहां सेना के सीनियर अधिकारियों और जवानों ने पुष्पचक्र अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इसके बाद पार्थिव शरीर को इंदौर के सैफी नगर स्थित सैफी मस्जिद ले जाया गया, जहां जनाजे की नमाज अदा की गई।
शहर के प्रमुख रास्तों से निकली भव्य अंतिम यात्रा
सैफी मस्जिद में जनाजे की नमाज के दौरान सेना के अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने शहीद को नमन किया। इसके बाद भारतीय सेना की स्पेशल गाड़ी में शहीद मेजर हमजा आरिफ की अंतिम यात्रा निकाली गई, जो शहर के प्रमुख रास्तों से होकर गुजरी।
यह अंतिम यात्रा सैफी नगर से शुरू होकर माणिकबाग पुल, कलेक्टर चौराहा और राजबाड़ा से होती हुई इमली बाजार कब्रिस्तान पहुंची। अंतिम यात्रा के पूरे रास्ते में आम लोगों ने जगह-जगह फूल बरसाकर अपने जांबाज सपूत को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान पूरा शहर गमगीन नजर आया।
सेना के जवानों ने दिया ‘गार्ड ऑफ ऑनर’
इमली बाजार कब्रिस्तान में सेना के जवानों ने मातमी धुन के बीच ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ देकर अपने साथी अधिकारी को अंतिम सलामी दी। इसके बाद पूरी सैन्य परंपरा और धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार मेजर हमजा आरिफ को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। अंतिम विदाई में हर आंख नम थी।
अंतिम यात्रा के समय पूरे शहर में मातम का माहौल रहा। हजारों नागरिकों ने नम आंखों से शहीद को विदाई दी और उनके बलिदान को नमन किया। सेना और स्थानीय प्रशासन ने परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। देश की रक्षा में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।