Tikamgarh News: मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले की जेरौन खालसा नगर परिषद में ‘राइट टू रिकॉल’ (Right to Recall) की प्रक्रिया के तहत कांग्रेस समर्थित अध्यक्ष कुसुम मातादीन पस्तौर को पद से हटा दिया गया है। शुक्रवार को हुई मतगणना में उन्हें हटाने का प्रस्ताव 466 मतों के अंतर से पारित हुआ, जिसके बाद निर्वाचन अधिकारी ने अध्यक्ष पद रिक्त घोषित कर दिया।
मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले की नगर परिषद जेरौन खालसा में पार्षदों और अध्यक्ष के बीच लंबे समय से जारी विवाद का फैसला जनता के मतदान के जरिए हुआ। निर्वाचन अधिकारी द्वारा घोषित अंतिम नतीजों के मुताबिक, अध्यक्ष को पद से हटाने के पक्ष में जनता ने बहुमत दिया। इसके साथ ही कुसुम मातादीन पस्तौर को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी और पद को औपचारिक रूप से रिक्त कर दिया गया।
2022 में चुनी गई थीं, 15 में से 12 पार्षदों ने खोला था मोर्चा
कुसुम मातादीन पस्तौर वर्ष 2022 के आम चुनाव में जेरौन खालसा नगर परिषद की अध्यक्ष निर्वाचित हुई थीं। कार्यकाल आगे बढ़ने के साथ ही उनके और निकाय के पार्षदों के बीच कामकाज और अन्य मुद्दों को लेकर गंभीर मतभेद उत्पन्न हो गए थे।
नगर परिषद के 15 पार्षदों में से भाजपा और कांग्रेस समर्थित 12 पार्षदों ने कार्यशैली पर असंतोष दर्ज कराते हुए मोर्चा खोल दिया था। पार्षदों ने ‘मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961’ की धारा 47 के तहत कलेक्टर को अविश्वास जताते हुए ‘राइट टू रिकॉल’ का विधिवत प्रस्ताव सौंपा था।
466 वोटों के अंतर से पास हुआ हटाने का प्रस्ताव
प्रक्रिया के तहत जेरौन खालसा के 15 मतदान केंद्रों पर मतदान कराया गया था। क्षेत्र के कुल 7,799 पंजीकृत मतदाताओं में से 4,798 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। मतदान के लिए मतपत्र पर दो चुनाव चिह्न निर्धारित किए गए थे—अध्यक्ष को पद पर बनाए रखने के लिए ‘भरी कुर्सी’ और पद से हटाने के पक्ष में ‘खाली कुर्सी’ का निशान तय किया गया था।
शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतगणना संपन्न हुई। मतगणना में अध्यक्ष को पद पर बनाए रखने के समर्थन में 2,167 मत पड़े, जबकि उन्हें पद से हटाने के पक्ष में 2,633 मत दर्ज किए गए। इस प्रकार 466 मतों के अंतर से उन्हें हटाने का प्रस्ताव पारित हो गया।