Srinagar News: संविधान के अनुच्छेद 370 को हटाए जाने की छठी सालगिरह से पहले पूरे जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। घाटी में पुलिस ने बिना पूर्व अनुमति के किसी भी प्रकार के प्रदर्शन पर पूरी तरह रोक लगा दी है। वहीं जम्मू क्षेत्र में आतंकी हमले की खुफिया सूचनाओं के बाद हाई अलर्ट घोषित किया गया है।
कश्मीर संभाग के अधिकारियों ने श्रीनगर, बारामूला, कुपवाड़ा और अनंतनाग सहित सभी दस जिलों में जन परामर्श जारी किया है। इसके तहत विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों के प्रदर्शन के आह्वान को देखते हुए किसी भी जुलूस, रैली या सार्वजनिक सभा की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
घाटी में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के कड़े इंतजाम
अधिकारियों के अनुसार पूरी कश्मीर घाटी में कानून-व्यवस्था, जन सुरक्षा और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है। संवेदनशील इलाकों में चौकसी बढ़ा दी गई है। पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां 5 अगस्त का दिन शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए पूरे इलाके पर 24 घंटे लगातार निगरानी रख रही हैं।
उधर जम्मू में अभूतपूर्व सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है। इंटेलिजेंस एजेंसियों ने अनुच्छेद 370 की सालगिरह, अमरनाथ यात्रा और स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए बड़े आतंकी हमलों का इनपुट दिया है। खुफिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आतंकी शैक्षणिक संस्थानों जैसी कमजोर जगहों को निशाना बना सकते हैं। इसी खतरे को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में विशेष चौकसी बरती जा रही है।
शैक्षणिक संस्थानों में मॉक ड्रिल और सुरक्षा के विशेष उपाय
छात्रों और कर्मचारियों को आपातकालीन स्थिति से निपटने और सुरक्षित बाहर निकालने के तरीकों से वाकिफ कराने के लिए कैंटोनमेंट एरिया के बाहर स्थित कई शैक्षणिक संस्थानों में आपातकालीन मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य इमरजेंसी रिस्पॉन्स प्रोटोकॉल को परखना और किसी भी संभावित खतरे के समय जान-माल के नुकसान को पूरी तरह रोकना है।
जम्मू में मिलिट्री बेस, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, सरकारी दफ्तरों और ट्रांसपोर्ट हब्स के आसपास पुलिस तथा पैरामिलिट्री बलों की अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात कर दी गई हैं। सुरक्षा बलों ने जगह-जगह चेकिंग, सर्विलांस, एरिया डोमिनेशन गश्त और एक्सेस कंट्रोल के उपाय काफी तेज कर दिए हैं। प्रशासन हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रख रहा है ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे।