Hanumangarh News: हरियाणा सीमा से सटे राजस्थान के पवित्र गोगामेड़ी में गोगा नवमी पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भीषण गर्मी और उमस के बावजूद विभिन्न राज्यों से आए करीब 3 लाख लोगों ने गोगाजी की समाधि पर शीश नवाकर धोक लगाई। मान्यता के अनुसार इस दिन गोगाजी का जन्मदिन मनाया जाता है।
मेला क्षेत्र में उत्तर प्रदेश से पहुंचे पीतवस्त्रधारी श्रद्धालुओं की संख्या सबसे अधिक रही। इसके अलावा हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश के श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों, डमरू और सारंगी की धुन पर नाचते-गाते मंदिर पहुंचे। गोगामेड़ी का यह प्रसिद्ध मेला साम्प्रदायिक सद्भाव की एक अनूठी मिसाल पेश करता है।
यहाँ हिंदू गोगाजी को वीर और मुसलमान उन्हें पीर के रूप में पूजते हैं। समाधि पर घोड़े पर सवार गोगाजी की मूर्ति बनी है। पारंपरिक अनुष्ठान के तहत श्रद्धालु गोगाणा तालाब में स्नान कर गुरु गोरखनाथ के धूणे पर माथा टेकते हैं। इसके बाद वे अन्य समाधियों पर भी धोक लगाते हैं।
मेले में मनिहारी, ढोलक, लाठी और खिलौनों के बाजारों में भारी रौनक दिखाई दे रही है। उत्तर भारत के इस सबसे बड़े पशु मेले में ऊंट व्यापारी और किसान भी पहुंचे हैं। हनुमानगढ़ जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।