Mumbai News: मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर में पुलिस ने दो संदिग्धों को पकड़ा है। आरोपी खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय का अधिकारी बता रहा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम स्थल पर फर्जी पहचान पत्र और हथियार मिलने से हड़कंप मच गया। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को बीकेसी के जियो वर्ल्ड सेंटर में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 का उद्घाटन करने वाले हैं। इस अहम कार्यक्रम से पहले सुरक्षा जांच के दौरान पुलिस की नजर इन संदिग्धों पर पड़ी। तलाशी लेने पर एक शख्स के पास पीएमओ का फर्जी आईकार्ड मिला, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की।
गिरफ्तार मुख्य आरोपी की पहचान 24 साल के रोहन पारेख के रूप में हुई है, जो मुंबई के खार इलाके का रहने वाला है। उसके पिता प्रेमल पारिख एक बड़े कारोबारी हैं। वहीं उसके साथ मौजूद 45 वर्षीय बॉडीगार्ड दिलीप कुंदे के पास से एक बंदूक बरामद हुई, जिसका लाइसेंस वैध पाया गया है।
मुंबई पुलिस ने इस मामले पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा, “मुंबई में उस जगह से दो लोगों को हिरासत में लिया गया है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक कार्यक्रम में शामिल होना था। उनमें से एक व्यक्ति के पास से बंदूक बरामद हुई। मुंबई पुलिस ने BKC स्थित नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर (NMACC) से एक व्यक्ति को हिरासत में लिया, जो खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय का अधिकारी बता रहा था। हिरासत में लिए गए व्यक्ति की उम्र 24 साल बताई जा रही है। उसके साथ एक बॉडीगार्ड भी था, जिसके पास बंदूक थी। मुंबई क्राइम ब्रांच अब इस मामले की आगे जांच कर रही है।”
आरोपियों पर जाली सरकारी पहचान पत्र दिखाकर मॉल की सुरक्षा घेरे को पार करने और जियो वर्ल्ड प्लाजा में जबरन घुसने का आरोप है। बीकेसी पुलिस स्टेशन में सरकारी कर्मचारी का भेष धरने और अवैध प्रवेश समेत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। क्राइम ब्रांच पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट दोनों आरोपियों को लेकर अदालत पहुंची। अदालत ने दोनों को 11 सितंबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी 7 सितंबर की रात ही आयोजन स्थल पर पहुंच गया था। इस मामले में शामिल तीसरे फरार आरोपी प्रथमेश बागूर की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है।
आरोपी के वकील सतीश मानेशिंदे ने कहा कि लगाए गए आरोप एक संवेदनशील मामले से जुड़े हैं, इसलिए अपनी तरफ से पूरी जांच-पड़ताल और पुष्टि करने के बाद हम इस पर एक बयान जारी करेंगे। इस बीच, मुझे उम्मीद है कि सभी इस बात पर ध्यान देंगे कि रोहन का जियो मॉल का दौरा पूरी तरह से निजी था और जैसा कि पुलिस अधिकारियों ने बताया है, इसका आज प्रधानमंत्री के दौरे से कोई लेना-देना नहीं था।
कोर्ट में बचाव पक्ष ने दलील दी कि रोहन खुद इस पूरे मामले का पीड़ित है। उसे पीएमओ के अतिरिक्त सचिव के नाम से एक ईमेल आया था। रोहन का दावा है कि तरुण नाम के एक शख्स ने उसे यह फर्जी संदेश भेजा था। अदालत ने जब प्रोटोकॉल पर सवाल किए, तो वकील ने बताया कि वह केवल परफ्यूम खरीदने मॉल गया था।