दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे के बाद गुरुग्राम में भी अवैध पीजी पर उठे सवाल, नियमों के उल्लंघन पर सीलिंग जारी

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Gurugram News: दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे ने पूरे प्रशासनिक तंत्र की लापरवाही उजागर कर दी है। सात जिंदगियों के जाने के बाद अवैध इमारतों के खिलाफ अभियान तेज हुआ है। दिल्ली की तरह ही सटे हुए गुरुग्राम के रिहायशी इलाकों में भी अवैध पीजी और गेस्ट हाउस का जाल बहुत तेजी से फैल चुका है।

हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के सर्वे में आवासीय सेक्टरों में 453 पीजी और गेस्ट हाउस चिह्नित किए गए थे। इनमें से नियमों का गंभीर उल्लंघन करने वाले 18 अवैध पीजी को जून महीने में सील कर दिया गया था। इसके बावजूद कई रिहायशी कॉलोनियों में अवैध गतिविधियां बदस्तूर जारी हैं।

डीएलएफ फेज 3 निवासी समीर पुरी के मुताबिक अगर प्रशासन ने सख्त कदम नहीं उठाए तो गुरुग्राम में भी सत्य निकेतन जैसा हादसा हो सकता है। उन्होंने कहा, “यह निश्चित रूप से यहां भी कभी भी हो सकता है, खासकर छोटे प्लॉट (U ब्लॉक में) पर जहां लोगों ने एक्स्ट्रा फ्लोर बनाकर उनमें पीजी की संख्या बढ़ा दी है।”

समीर पुरी ने आगे बताया कि जून में उनकी सड़क पर चल रहे दो अवैध पीजी सील किए गए थे। फिलहाल शांति दिखती है लेकिन जमीनी स्तर पर बहुत काम बाकी है। सनसिटी टाउनशिप की कुसुम शर्मा के अनुसार ईडब्ल्यूएस ब्लॉक में कई पीजी बिना कमर्शियल कनेक्शन या लैंड-यूज कन्वर्जन के चल रहे हैं।

कुसुम शर्मा ने आरोप लगाया कि सर्वे तो होते हैं लेकिन कार्रवाई आगे नहीं बढ़ती। कुछ संचालकों को केवल नोटिस देकर छोड़ दिया जाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रशासन को सत्य निकेतन जैसे किसी बड़े हादसे का इंतजार किए बिना इन अनधिकृत पीजी और इमारतों पर तुरंत सख्त एक्शन लेना चाहिए।

यह पूरा मामला अब हरियाणा मानवाधिकार आयोग के विचाराधीन है। आयोग ने बिना रजिस्ट्रेशन वाले पीजी पर खुद संज्ञान लेकर अधिकारियों से कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी थी। एचएसवीपी द्वारा 24 मार्च को दी गई रिपोर्ट के मुताबिक 453 पीजी में से 121 एस्टेट ऑफिसर-1 और 332 एस्टेट ऑफिसर-2 के दायरे में आते हैं।

टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की प्रवर्तन टीम ने कार्रवाई करते हुए 18 से 20 जून और 3 से 4 जुलाई के दौरान अभियान चलाया। इस कार्रवाई के तहत डीएलएफ फेज 3 इलाके में 15 अवैध पीजी और 3 गेस्ट हाउस पूरी तरह सील कर दिए गए।

Right News Desk
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लॉ और पत्रकारिता स्नातक, पत्रकारिता में 11 वर्ष का अनुभव

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