Delhi News: जंतर-मंतर पर आयोजित एक विरोध-प्रदर्शन के दौरान 24 जुलाई को भाजपा के एक पूर्व विधायक की बेटी के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। पीड़ित युवती ने सोशल मीडिया पर इस घटना की जानकारी साझा करते हुए वहां की सुरक्षा व्यवस्था और आयोजकों के वॉलंटियर्स के व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
पीड़िता के अनुसार प्रदर्शन के दौरान जब बैरिकेड्स टूटे और भगदड़ की स्थिति बनी, तब पीछे से एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें गलत तरीके से छुआ। युवती ने तुरंत पलटकर आरोपी को पकड़ा और उसे थप्पड़ जड़े। आरोप है कि शिकायत करने पर वॉलंटियर ने युवती पर ही चिल्लाना शुरू कर दिया और इसे सामान्य गलती बताया।
सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस ने की थी हाई-टेक तैनाती
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान सभी संदिग्धों पर नजर रखने के लिए एआई-संचालित स्मार्ट चश्मों का इस्तेमाल किया था। इन चश्मों में फेस रिकॉग्निशन और वीडियो एनालिटिक्स तकनीक मौजूद है। इसके अलावा 360-डिग्री कवरेज देने वाले आठ फिक्स कैमरों से लैस इक्षणा वाहन को भी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात किया गया था।
भीड़भाड़ वाले इलाकों में अपराधियों की ट्रैकिंग के लिए डीपी-दृष्टि मोबाइल सर्विलांस वैन का इस्तेमाल किया गया। साथ ही ग्राउंड पर चल रहे पुलिस लाइव ऑपरेशन्स को कोऑर्डिनेट करने और सीसीटीवी फीड को एक जगह प्रोसेस करने के लिए मोबाइल कमांड एंड कंट्रोल व्हीकल वैन को भी मौके पर तैनात रखा गया था।
प्रदर्शन के दौरान आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोग थे मौजूद
पुलिस जांच में सामने आया है कि 20 से 25 जुलाई के बीच प्रदर्शन स्थल पर 2,873 ऐसे लोग मौजूद थे जिनका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है। इनमें से 989 लोग जघन्य अपराधों में शामिल रहे हैं। फेशियल रिकग्निशन सिस्टम की मदद से इन सभी संदिग्धों की पहचान की गई है और जांच जारी है।
जघन्य अपराधियों में 101 हत्या, 62 हत्या के प्रयास, 284 डकैती और 61 दुष्कर्म के आरोपी शामिल थे। पुलिस को आशंका है कि ये लोग प्रदर्शन की आड़ में हिंसा फैलाने, सुरक्षाकर्मियों पर हमला करने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की नीयत से वहां मौजूद थे, जिसकी बारीकी से पड़ताल की जा रही है।