Delhi News: केंद्र सरकार ने देश में चीनी की जमाखोरी रोकने और बाजार में आपूर्ति बेहतर बनाए रखने के लिए कड़ा फैसला लिया है। सरकार ने चीनी डीलरों के लिए नई स्टॉक होल्डिंग लिमिट लागू कर दी है। अब व्यापारी स्टॉक मिलने के बाद 30 दिन से ज्यादा समय तक शक्कर का भंडारण नहीं कर सकेंगे।
नए नियमों के तहत कोई भी चीनी डीलर किसी भी समय 4,000 क्विंटल से अधिक शक्कर का स्टॉक नहीं रख पाएगा। इसके अलावा सभी व्यापारियों के लिए सरकारी पोर्टल पर अपने स्टॉक की घोषणा करना और उसे नियमित रूप से अपडेट करना अनिवार्य होगा। यह सख्त आदेश 1 अगस्त 2026 से 30 नवंबर 2026 तक लागू रहेगा।
सरकारी और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के डीलरों को राहत
सरकार का मुख्य उद्देश्य चीनी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना और कीमतों को स्थिर रखना है। हालांकि, सरकारी स्टॉक और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के लिए काम करने वाले अधिकृत डीलरों को इस स्टॉक लिमिट से पूरी तरह छूट दी गई है। बाकी सभी कारोबारियों को तय नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।
भारत वैश्विक स्तर पर चीनी का बड़ा उत्पादक है और ब्राजील के बाद दूसरा सबसे बड़ा निर्यात करने वाला देश है। इस बार अलनीनो के प्रभाव से कमजोर बारिश की आशंका के चलते गन्ने का उत्पादन घटने का अनुमान है। उत्पादन में संभावित गिरावट को देखते हुए सरकार ने पहले ही चीनी के निर्यात पर रोक लगा दी थी।