पीएम मोदी के वीडियो पर घिरी मेटा: आईटी मंत्रालय ने समन भेजा, पेपर लीक पर आया नया विधेयक

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Delhi News: परीक्षा पेपर लीक के खिलाफ सरकार की कार्रवाई पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फेसबुक रील डिलीट होने पर विवाद बढ़ गया है। आईटी मंत्रालय द्वारा मेटा के शीर्ष अधिकारियों को समन भेजे जाने के बाद, कंपनी ने सफाई में इसे एक ऑटोमेटेड तकनीकी खराबी बताया है।

मेटा के प्रवक्ता ने बयान जारी कर स्पष्ट किया कि कंटेंट गलती से प्लेटफॉर्म से हट गया था, जिसे अब दोबारा बहाल कर दिया गया है। 28 जुलाई को हटाई गई यह वीडियो रील मूल रूप से 23 जुलाई को जारी हुई थी, जिसमें पीएम मोदी ने नीट-यूजी 2026 में अनियमितताओं के बीच छात्रों से पहली बार सीधा संवाद किया था।

पेपर लीक पर कड़े कानून का प्रधानमंत्री का वादा

वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं को भरोसा दिलाया था कि पेपर लीक करने वाले गिरोहों के खिलाफ बेहद सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने केंद्रीय मंत्रिमंडल के समक्ष कड़ा कानून लाने और दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करने के निर्देश देने की बात कही थी।

पीएम ने जोर देकर कहा था कि लगभग 22 लाख प्रभावित छात्रों का शैक्षणिक सत्र खराब नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने युवाओं के भविष्य और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया था। यह बयान नीट-यूजी 2026 में सामने आई धांधली और देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बीच जारी किया गया था।

संसद में पेश हुआ कड़ा संशोधन विधेयक

मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ संसद में पेश कर दिया है। नए विधेयक में अपराध में शामिल दोषियों के लिए 10 साल तक की जेल, भारी जुर्माना और मामलों की जल्द सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतों का कड़ा प्रावधान है।

इस बीच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के 25 जुलाई को इस्तीफा देने के बाद करीब 36 दिनों से जारी छात्र आंदोलन आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया। सरकार ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ और एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के साथ भी समझौता कर लिया है।

सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बनी सहमति

समझौते के तहत सरकार ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, पुलिसिया कार्रवाई रोकने और भविष्य में सख्त कानून बनाने पर सहमति जताई है। हालांकि, संसद के मानसून सत्र में विपक्ष लगातार नीट पेपर लीक और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर विस्तृत चर्चा की मांग पर अड़ा रहा।

विपक्षी हंगामे के कारण सदन के भीतर और बाहर लगातार गतिरोध बना रहा। दूसरी ओर, आईटी मंत्रालय अब मेटा अधिकारियों के साथ केवल वीडियो हटने ही नहीं, बल्कि सिंथेटिक कंटेंट, डीपफेक और आईटी नियमों के कड़े अनुपालन को लेकर सीधी बातचीत करने की तैयारी में है।

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