Patna News: बिहार के मुख्यमंत्री ने पंचायती राज विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में जलमीनारों पर सोलर पैनल की क्षमता पांच से बढ़ाकर 20 किलोवाट करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही पंचायत सरकार भवनों के निर्माण में तेजी लाने, संवेदकों को ही रखरखाव का जिम्मा सौंपने और जनप्रतिनिधियों को प्रतिदिन बिजली आपूर्ति की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए गए हैं।
लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में शुक्रवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश और विभाग के सचिव मनोज कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य की पंचायतों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए।
जलमीनारों पर सोलर क्षमता में चार गुना बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित जलमीनारों पर सोलर पैनल की क्षमता में विस्तार किया जाए। अब पूर्व में प्रस्तावित पांच किलोवाट की जगह 20 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल लगाए जाएंगे, ताकि सौर ऊर्जा प्रणाली का अधिकतम लाभ स्थानीय ग्रामीणों को मिल सके।
इसके साथ ही पंचायत सरकार भवनों के निर्माण कार्य में तेजी लाने और उन्हें सौर ऊर्जा से लैस (सोलराइजेशन) करने को निर्माण के मूल एस्टीमेट में ही शामिल करने का निर्देश दिया गया। इस कार्य को 15वें वित्त आयोग और 7वें राज्य वित्त आयोग के फंड से जोड़ने को कहा गया है, जिससे वित्तीय संसाधनों की कमी न हो।
संवेदकों की तय होगी मेंटेनेंस की जवाबदेही
पंचायत सरकार भवनों के बेहतर रखरखाव को लेकर मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए निर्देश दिया कि निर्माण करने वाले ठेकेदारों (संवेदकों) को ही भवनों के मेंटेनेंस की जिम्मेदारी सौंपी जाए। इसके लिए संवेदकों की स्पष्ट जवाबदेही (लायबिलिटी) तय करने वाला एक ठोस मैकेनिज्म तैयार किया जाएगा।
जनप्रतिनिधियों को मिलेगी बिजली आपूर्ति की दैनिक रिपोर्ट
ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति को पारदर्शी बनाने के लिए एक विशेष टीम गठित करने का निर्देश दिया गया है। यह टीम पंचायत के मुखिया, स्थानीय विधायक और सांसद के अधिकृत मोबाइल नंबरों पर प्रतिदिन यह जानकारी भेजेगी कि उनके क्षेत्र की संबंधित पंचायत में कितने घंटे बिजली की आपूर्ति हुई है।
बैठक के दौरान पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार ने योजनाओं के क्रियान्वयन और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।