Katihar News: कटिहार की एक अदालत ने 50 लाख रुपये की फिरौती के लिए युवक के अपहरण और हत्या मामले में 6 दोषियों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों ने युवक को बुलाकर हत्या कर दी थी और शव महानंदा नदी में फेंक दिया था। कोर्ट ने प्रत्येक दोषी पर 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
बिहार के कटिहार जिले में 50 लाख रुपये की फिरौती के लिए एक युवक का अपहरण कर उसकी हत्या करने के मामले में अदालत ने सख्त फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश (पंचम) विजेंद्र कुमार की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए सभी 6 आरोपियों को दोषी ठहराया और उन्हें सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर 60-60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने पर दोषियों को 6 महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
यह सनसनीखेज मामला आजमनगर थाना क्षेत्र (कांड संख्या 26/22) से जुड़ा है। अपर लोक अभियोजक रामविलास पासवान के अनुसार, आजमनगर निवासी शकील अहमद के इकलौते बेटे शाहरुल का अपहरण कर लिया गया था। इसके बाद अपहरणकर्ताओं ने परिजनों से 50 लाख रुपये की फिरौती की मांग की थी। जब फिरौती की रकम नहीं मिली, तो आरोपियों ने शाहरुल की हत्या कर दी और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को बोरे में बंद करके महानंदा नदी में फेंक दिया।
गुमशुदगी की शिकायत से खुला अपहरण का मामला
अपर लोक अभियोजक ने बताया कि शाहरुल के लापता होने के बाद उसके पिता ने 30 जनवरी 2022 को थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। काफी खोजबीन के बाद भी जब उसका कोई सुराग नहीं लगा, तो 1 फरवरी 2022 को मामले में दूसरी प्राथमिकी दर्ज कराई गई। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उस व्यक्ति की पहचान की, जिसने घटना वाले दिन शाहरुल को फोन करके बुलाया था। इसी सुराग के जरिए पुलिस ने 6 संदिग्धों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
स्वीकारोक्ति बयान और सीडीआर से मिले अहम सुराग
मामले की तफ्तीश के दौरान मुख्य आरोपी मोहम्मद गुलजार के स्वीकारोक्ति बयान के आधार पर पुलिस ने महानंदा नदी से शाहरुल का शव बरामद किया था। इसके अलावा जांच में कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) के माध्यम से आरोपियों के आपसी संपर्क और साजिश में शामिल होने के पुख्ता तकनीकी साक्ष्य मिले। पुलिस ने सभी वैज्ञानिक व दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। अदालत में गवाहों के बयान और दोनों पक्षों की जिरह के बाद दोष सिद्ध हुआ।
सभी 6 दोषी एक ही गांव के निवासी
अदालत द्वारा सजा पाए सभी 6 दोषी आजमनगर थाना क्षेत्र के दिघलिया गांव के रहने वाले हैं। दोषियों में मोहम्मद गुलजार, प्रताप सिंह, मोहम्मद इमाम, विभीषण सिंह, मिथिलेश कुमार सिंह और शेखर सिंह शामिल हैं। अदालत के फैसले के बाद सभी दोषियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।