Patna News: बिहार में दीपावली, काली पूजा और छठ महापर्व को लेकर राज्य सरकार ने विधि-व्यवस्था, सुरक्षा और स्वच्छता के कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को चप्पे-चप्पे पर निगरानी रखने, रेलवे स्टेशनों और बस स्टैंडों पर 24 घंटे पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने और छठ घाटों पर सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में आगामी त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और स्वच्छता के पुख्ता प्रबंध करने को लेकर विस्तृत कार्ययोजना की समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहारों के अवसर पर बड़ी संख्या में राज्य के नागरिक दूसरे राज्यों और विदेशों से घर लौटते हैं। ऐसे में यह सुनिश्चित किया जाए कि उन्हें गृह राज्य पहुंचने पर सुरक्षा, सुविधा और सकारात्मक बदलाव का अनुभव मिले। सभी जिलों में प्रशासन और पुलिस पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ दायित्वों का निर्वहन करें।
24 घंटे गश्त और क्विक रिस्पांस टीम की तैनाती
त्योहारों के दौरान विधि-व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात करने और क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) को लगातार अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए गए हैं। बस स्टैंडों और रेलवे स्टेशनों के आसपास चौबीसों घंटे प्रभावी गश्त की व्यवस्था रहेगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा ने बैठक में जानकारी दी कि राज्यभर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 16,000 प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों, 1,500 पीटीसी, होमगार्ड और रैपिड एक्शन फोर्स की अतिरिक्त तैनाती की गई है।
छठ घाटों पर विशेष सुरक्षा, बिजली तारों को लेकर सतर्कता
छठ महापर्व की महत्ता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी छठ घाटों पर साफ-सफाई और सुरक्षा मानकों की नियमित निगरानी के निर्देश जिलाधिकारियों को दिए। घाटों पर स्वयंसेवकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी और ग्रामीण क्षेत्रों के घाटों पर स्थानीय गोताखोरों व तैराकों की मौजूदगी अनिवार्य रहेगी।
विद्युत सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी सार्वजनिक स्थल या घाट पर नंगे तारों का उपयोग न हो। साथ ही जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से अपील की गई कि वे दलित व महादलित टोलों में जाकर लोगों के साथ पर्व मनाएं और सामाजिक समरसता को बढ़ावा दें।
भ्रामक सूचनाओं पर 4 घंटे में कार्रवाई का निर्देश
सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर फैलने वाली भ्रामक व फर्जी खबरों पर रोक लगाने के लिए प्रत्येक स्तर पर निगरानी दल सक्रिय रहेगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सही जानकारी की पुष्टि होने पर तत्काल कार्रवाई की जाए और यदि कोई खबर गलत पाई जाती है, तो अधिकतम चार घंटे के भीतर उसका आधिकारिक खंडन जारी किया जाए, ताकि किसी भी तरह का नकारात्मक माहौल न बन सके।