Prayagraj News: प्रयागराज में अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद के जनाजे की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। झांसी और लखनऊ जेल में बंद उसके भाई अली और उमर को इलाहाबाद हाईकोर्ट से पेरोल मिल गई है। शनिवार सुबह कसारी मसारी कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अजय भनोट और न्यायमूर्ति दिवेश चंद्र सामंत की बेंच ने परवीन कुरैशी की अर्जी पर यह फैसला सुनाया। अदालत ने अली और उमर को अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पुलिस कस्टडी में सशर्त पेरोल दी है। प्रक्रिया खत्म होने के बाद दोनों को दोबारा जेल भेजा जाएगा।
हाईकोर्ट ने पेरोल के लिए रखीं ये सख्त शर्तें
अदालत ने सख्त निर्देश दिए हैं कि दोनों भाई किसी जनसभा को संबोधित नहीं करेंगे। इसके अलावा उन्हें मीडिया या सोशल मीडिया से बात करने की अनुमति नहीं होगी। वे केवल धार्मिक गुरु, बुआ परवीन कुरैशी और भाई अहजम से ही बातचीत कर सकेंगे। उन्हें पुलिस प्रशासन के निर्देशों का पालन करना होगा।
झांसी में गुरुवार को हुए सड़क हादसे में अबान और उसके दोस्त सोनू की जान चली गई थी। कार में सवार तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घायलों का इलाज पहले झांसी में चला और बाद में उन्हें प्रयागराज के अस्पताल में भर्ती कराया गया।
झांसी जेल जाते वक्त हुआ था दर्दनाक हादसा
अबान अपने दोस्तों के साथ झांसी जेल में बंद अपने भाई से मिलने जा रहा था। पुंछ थाना क्षेत्र के झांसी-कानपुर हाईवे पर तेज रफ्तार एसयूवी डिवाइडर से टकराकर पलट गई। इस हादसे में अबान और सोनू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य साथी घायल हो गए।
पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार सुबह अबान का शव हटवा गांव स्थित उसकी बुआ के घर लाया गया। अबान की कब्र कसारी मसारी कब्रिस्तान में अतीक अहमद की कब्र के पास ही बनाई गई है। इसी जगह अतीक के भाई अशरफ और बेटे असद को भी दफनाया गया था।