Sylhet News: सिलहट में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच के तीसरे दिन बांग्लादेश के युवा बल्लेबाज तौहीद हृदोय ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। 184 रन पर 7 विकेट गिरने के बाद हृदोय ने नाबाद 242 रनों की मैराथन पारी खेली। इसके दम पर बांग्लादेश ने पहली पारी में 386 रन बनाकर 30 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल कर ली।
सिलहट अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच का तीसरा दिन पूरी तरह बांग्लादेश के युवा बल्लेबाज तौहीद हृदोय के नाम रहा। एक समय भारी संकट में फंसी बांग्लादेशी टीम को संभालते हुए हृदोय ने 242 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली। तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक बांग्लादेश की पहली पारी 386 रनों पर सिमटी और टीम ने मेहमान टीम पर 30 रनों की अहम बढ़त दर्ज की।
सुबह के सत्र में लड़खड़ा गई थी बांग्लादेश की पारी
तीसरे दिन की शुरुआत में वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने मैच पर मजबूत पकड़ बना ली थी। अनुभवी बल्लेबाज मुशफिकुर रहीम और लिटन दास दोनों ही जोमेल वारिकन के एक ही ओवर में लगातार गेंदों पर कैच थमाकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद मेहदी हसन मिराज भी जस्टिन ग्रीव्स की शानदार फील्डिंग का शिकार बने, जबकि वारिकन ने हसन महमूद को महज 1 रन पर आउट कर दिया।
बांग्लादेश का स्कोर 184 रन पर 7 विकेट हो चुका था और टीम पहली पारी में बड़े अंतर से पिछड़ने के कगार पर थी। उस समय तौहीद हृदोय 80 गेंदों पर 29 रन बनाकर खेल रहे थे।
निचले क्रम के साथ रिकॉर्ड साझेदारी और 11 छक्के
संकट की स्थिति में हृदोय ने निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ मिलकर मोर्चा संभाला। उन्होंने लंच तक अपना शतक पूरा किया और उसके बाद तेजी से रन बटोरे। हृदोय को तैजुल इस्लाम का अच्छा साथ मिला, जिन्होंने 56 गेंदों का सामना किया। दोनों बल्लेबाजों के बीच आठवें विकेट के लिए 117 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई।
इस दौरान हृदोय ने रोस्टन चेज और शमर जोसफ के खिलाफ आक्रामक शॉट खेले। उन्होंने सिलहट के मैदान पर महमुदुल हसन जोय के 171 रनों के पिछले सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर को पीछे छोड़ा। चायकाल के बाद वारिकन की गेंद पर एक रन लेकर उन्होंने अपना पहला टेस्ट दोहरा शतक पूरा किया। अपनी पारी में हृदोय ने कुल 11 छक्के लगाए।
बांग्लादेश के लिए बनाया सर्वोच्च व्यक्तिगत टेस्ट स्कोर
तैजुल के बाद तास्किन अहमद ने भी सूझबूझ भरी बल्लेबाजी की और हृदोय के साथ उपयोगी रन जोड़े। तास्किन के आउट होने के साथ ही बांग्लादेश की पारी 386 रनों पर समाप्त हुई। हृदोय 242 रन बनाकर नाबाद पवेलियन लौटे। यह टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में किसी भी बांग्लादेशी बल्लेबाज द्वारा बनाया गया सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है।
हृदोय टेस्ट क्रिकेट में दोहरा शतक जड़ने वाले बांग्लादेश के चौथे बल्लेबाज बन गए हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि केवल मुशफिकुर रहीम, तमीम इकबाल और शाकिब अल हसन के नाम दर्ज थी। हृदोय ने निचले क्रम के तीन बल्लेबाजों के साथ मिलकर कुल 202 रन जोड़े, जिसने मैच का रुख बांग्लादेश के पक्ष में मोड़ दिया। वेस्टइंडीज के लिए वारिकन सबसे सफल गेंदबाज रहे, लेकिन वे हृदोय की पारी को रोकने में सफल नहीं हो सके।