अनंत चतुर्दशी पर 14 गांठों वाले रक्षासूत्र का विशेष महत्व, जानें पूजा विधि, शुभ मंत्र और उपाय

Share

- Advertisement -

Dharm News: भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को अनंत चतुर्दशी का महापर्व मनाया जाता है। अग्नि पुराण के अनुसार, इस पावन अवसर पर भगवान श्रीहरि विष्णु के अनंत स्वरूप की विधिवत आराधना की जाती है। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, श्रीकृष्ण ने सबसे पहले धर्मराज युधिष्ठिर को इस व्रत का महात्म्य बताया था।

अनंत सूत्र का महत्व और कलाई पर बांधने के नियम

इस दिन कलाई पर 14 गांठों वाला केसरिया या लाल सूती धागा बांधने की परंपरा है। हेमाद्रि शास्त्र के मुताबिक, ये 14 गांठें चौदह लोकों का प्रतिनिधित्व करती हैं। पूजन के बाद पुरुषों को इसे दाईं कलाई और महिलाओं को बाईं कलाई पर बांधना चाहिए, जिससे जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं।

सरल पूजन विधि, शक्तिशाली मंत्र और खास उपाय

पूजा में भगवान अनंत की प्रतिमा स्थापित कर घी का दीपक और धूप जलाएं। रोली, केसर, हल्दी, गुड़ और 14 गांठों वाला सूत्र अर्पित कर ‘ॐ अनंताय नमः’ मंत्र का 108 बार जप करें। इसके बाद गुड़ का भोग लगाकर अनंत सूत्र को विशेष श्लोक पढ़ते हुए श्रद्धापूर्वक धारण करें।

जीवन में सुख-समृद्धि के लिए इस दिन सिंदूरी वस्त्र पहनें और ‘ॐ अच्युताय नमः’ का जप करें। विघ्न टालने के लिए श्रीगणेश को सिंदूर चढ़ाएं तथा कार्य में सफलता के लिए केसरिया सूत विष्णु मंदिर में अर्पित करें। दांपत्य जीवन में मधुरता के लिए दंपत्ति भगवान विष्णु को लाल फल जरूर चढ़ाएं।

Desh Raj
Desh Raj
Please wait....

Read more

Related News