Kolkata News: दक्षिण कोलकाता के कैमक स्ट्रीट स्थित तृणमूल कांग्रेस के दफ्तर से साइनबोर्ड हटाए जाने के विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने पार्टी को कलकत्ता हाई कोर्ट जाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि पार्टी अपनी सभी दलीलें हाई कोर्ट के समक्ष रखे और याचिका का निपटारा कर दिया।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि चूंकि हाई कोर्ट पहले से इस मामले की सुनवाई कर रहा है, इसलिए दोनों पक्षों को वहीं अपनी बात रखनी चाहिए। शीर्ष अदालत ने हाई कोर्ट से इस मामले पर शीघ्र फैसला लेने को कहा।
गलत तरीके से बोर्ड हटाने पर दोबारा लगाने का आदेश संभव
शीर्ष अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि केवल बोर्ड हटा दिए जाने से मामला पूरी तरह निरर्थक नहीं हो जाता है। यदि कानूनी समीक्षा में यह पाया गया कि साइनबोर्ड गलत तरीके से हटाया गया था, तो अदालत उसे दोबारा लगाने का अनिवार्य आदेश भी जारी कर सकती है।
कोलकाता नगर निगम की कार्रवाई पर शुरू हुआ विवाद
यह पूरा विवाद दक्षिण कोलकाता के 9, कैमक स्ट्रीट स्थित भवन से तृणमूल कांग्रेस के साइनबोर्ड और होर्डिंग हटाए जाने से जुड़ा है। कोलकाता नगर निगम (केएमसी) ने इसे कथित तौर पर अनधिकृत बताते हुए हटा दिया था। इसके बाद पार्टी ने नगर निगम की इस कार्रवाई को कानूनी चुनौती दी थी।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अब तृणमूल कांग्रेस और कोलकाता नगर निगम दोनों ही पक्ष कलकत्ता हाई कोर्ट के सामने अपने कानूनी तर्क प्रस्तुत करेंगे। पार्टी की ओर से निगम की कार्रवाई पर रोक लगाने और साइनबोर्ड को वापस स्थापित करने की मांग पर हाई कोर्ट जल्द निर्णय लेगा।