Chamba News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने चंबा में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर किसी ने भ्रष्टाचार के जरिए अकूत संपत्ति बनाई है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। सरकार भ्रष्टाचार करने वालों को किसी भी हाल में नहीं बख्शेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के कई विधायकों के पास 50 से 100 करोड़ रुपये की संपत्ति बताई जाती है। ऐसी संपत्तियों की कमाई का जरिया सार्वजनिक होना चाहिए। जांच होने पर यह सच्चाई अपने आप सामने आ जाएगी कि इतनी बड़ी संपत्ति किस माध्यम से तैयार की गई है।
पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़ा है मुद्दा
सीएम ने स्पष्ट किया कि यह कोई राजनीतिक बदला नहीं, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही का सवाल है। यदि किसी ने ईमानदारी से संपत्ति कमाई है, तो उसे ब्यौरा देने में झिझक नहीं होनी चाहिए। जनता के पैसों का इस्तेमाल गरीब बच्चों की पढ़ाई और जन कल्याण में किया जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कुछ लोगों ने भ्रष्टाचार को धंधा बना लिया है। लेकिन अब राज्य सरकार ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई करेगी। जनकल्याणकारी योजनाओं और जरूरतमंदों के अधिकार का पैसा सही जगह खर्च होगा और किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कैबिनेट विस्तार की प्रक्रिया अंतिम दौर में
मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी हाईकमान के साथ लगातार चर्चा हो रही है। यह प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है। अंतिम बैठक के बाद स्थिति पूरी तरह साफ हो जाएगी। विस्तार के साथ ही कुछ विभागों के कामकाज में फेरबदल की भी संभावना है।
उन्होंने कहा कि फेरबदल का मुख्य मकसद केवल कैबिनेट विस्तार करना नहीं है। सरकार का लक्ष्य प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जनहितैषी बनाना है। प्रदेश में विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ाने और जनता की उम्मीदों को पूरा करने के लिए सरकार योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है।
सीएम सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस हाईकमान को उनकी कार्यशैली पर पूरा भरोसा है। राहुल गांधी और रजनी पाटिल सहित शीर्ष नेतृत्व लगातार कामकाज की समीक्षा कर रहा है। सरकार पूरी पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन के साथ राज्य के समग्र विकास के लिए लगातार काम कर रही है।