New Delhi News: दिल्ली में जारी राजनीतिक प्रदर्शनों के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में असहमति जताना सबका अधिकार है, लेकिन अराजकता फैलाना कतई स्वीकार्य नहीं है। चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर योजनाबद्ध तरीके से सवाल खड़े करना गलत है।
संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिशों पर जताई आपत्ति
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देते हुए रक्षा मंत्री ने संस्थाओं की गरिमा का बचाव किया। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की जवाबदेही लोकतंत्र का अभिन्न अंग है। इसके बावजूद उनकी साख को सुनियोजित रूप से गिराने का प्रयास किसी भी कीमत पर उचित नहीं माना जा सकता।
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में आईएनडीआईए गठबंधन मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहा है। राजनाथ सिंह ने ‘बदलती युवा पीढ़ी की आकांक्षा और नीति निर्माण’ व्याख्यान में युवाओं को लोकतांत्रिक संस्थाओं के खिलाफ भड़काने की कोशिशों से सावधान रहने की सलाह दी।
सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों और नीति निर्माण पर जोर
रक्षा मंत्री ने युवाओं को सोशल मीडिया के अत्यधिक इस्तेमाल से बचाने के लिए सख्त कदमों का संकेत दिया। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय देशों के उदाहरण देते हुए कहा कि भारत में भी विशेषज्ञों से चर्चा कर उचित नियम बनाए जाएंगे। सरकार युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर है।
युवाओं के विकास पर बोलते हुए उन्होंने सरकारी नीतियों की तुलना एक माली की भूमिका से की। उनका कहना था कि सरकार का काम माहौल तैयार करना है, ताकि युवा अपनी प्रतिभा से आगे बढ़ सकें। कार्यक्रम में उन्होंने गीतकार बुद्धिनाथ मिश्र को 11 लाख रुपये का साहित्य सम्मान भी प्रदान किया।
