Shimla News: हिमाचल प्रदेश में कर्मचारियों के तबादलों को लेकर सरकार के भीतर असंतोष उभरकर सामने आया है। शनिवार को करीब छह घंटे तक चली राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने अपने विधानसभा क्षेत्र में हो रहे कथित हस्तक्षेप और बिना सहमति किए जा रहे तबादलों पर कड़ी आपत्ति जताई।
कैबिनेट बैठक में मंत्री ने उठाया हस्तक्षेप का मुद्दा
कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने बैठक में खुलकर नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि एक युवा नेता उनकी मर्जी के बिना तबादले करवा रहा है और विकास कार्यों में दखल दे रहा है। इस पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पूरे मामले की जानकारी न होने की बात कहते हुए उचित जांच कराने का भरोसा दिया।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले प्रो. चंद्र कुमार के बेटे और पूर्व सीपीएस नीरज भारती भी इस तरह के हस्तक्षेप का मामला उठा चुके हैं। हालांकि, अनुशासनहीनता के चलते नीरज भारती को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया जा चुका है। ऐसे में कैबिनेट के भीतर इस मुद्दे के उठने से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
ट्रांसफर पालिसी तैयार करने के लिए उपसमिति गठित
कर्मचारियों के स्थानांतरण को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने व्यापक गाइडलाइंस तैयार करने का बड़ा फैसला लिया है। इसके लिए उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में एक कैबिनेट सब-कमेटी बनाई गई है। कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार और राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी को इस कमेटी का सदस्य नियुक्त किया गया है।
यह सब-कमेटी कर्मचारियों के गृह जिलों और अंतर्जिला तबादलों को नियमित करने के लिए नए नियम बनाएगी। वर्तमान में प्रदेश में सामान्य तबादलों पर पूरी तरह बैन लागू है, जिसे हटाने की मांग कर्मचारी संगठन लगातार कर रहे हैं। अब कमेटी की सिफारिशों के बाद ही नई ट्रांसफर पालिसी पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
