Shimla News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दिल्ली में चल रहे सीजेपी के प्रदर्शन का खुलकर समर्थन किया है। शिमला लौटने के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के स्वतंत्रता सेनानियों और डॉ. भीमराव अंबेडकर ने जिस पारदर्शी लोकतंत्र की कल्पना की थी, उसकी रक्षा के लिए युवा आज सड़क पर आंदोलन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि हजारों सालों की गुलामी के बाद भारतीयों को वोट देने का संवैधानिक अधिकार मिला था। इसी अधिकार से जनता सरकारें चुनती रही है। हालांकि, जब वोट का अधिकार छीनने और गद्दी हथियाने की कोशिश होती है, तब देश का युवा सड़कों पर उतरकर अपनी आवाज उठाता है।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना नागरिकों का सबसे बड़ा मौलिक अधिकार है। प्रशासन को प्रदर्शनकारी युवाओं को रामलीला मैदान में कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति देनी चाहिए थी। युवाओं की बुलंद आवाज को बलपूर्वक नहीं दबाया जा सकता। राज्य में भी कई आंदोलन हुए, लेकिन सरकार ने कभी किसी को नहीं रोका।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब जनआंदोलनों के दौरान लोगों की जायज आवाज दबाने की कोशिश होती है और इंटरनेट व रेल सेवाएं रोकी जाती हैं, तो परिस्थितियां उग्र हो जाती हैं। केंद्र सरकार को इस गंभीर विषय पर सोचना चाहिए। लोकतंत्र में जनता ही निर्णायक लड़ाई लड़ती है और चुनावों में अपना फैसला सुनाती है।
सुक्खू ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को हिरासत में लेने और परेशान करने की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा देश के संविधान और लोकतंत्र की रक्षा की है। इस समय सीजेपी आंदोलन से घबराकर केंद्र सरकार इंटरनेट और अन्य जरूरी सेवाएं बंद कर रही है, जो बेहद चिंताजनक है।
