Shimla News: पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने पब्लिक एग्जामिनेशंस संशोधन विधेयक को केंद्रीय कैबिनेट द्वारा मंजूरी दिए जाने का स्वागत किया है। उन्होंने इसे युवाओं के भविष्य की सुरक्षा और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली स्थापित करने के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया है।
शुक्रवार को शिमला से बयान जारी कर जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में पारदर्शिता बेहद जरूरी है। पेपर लीक जैसी आपराधिक घटनाओं से लाखों मेहनती छात्रों के सपने टूटते हैं। केंद्र सरकार का यह कड़ा फैसला नकल माफिया पर अंकुश लगाने में पूरी तरह कारगर साबित होगा।
कड़े कानून और विपक्ष पर राजनीतिक तंज
संशोधित कानून में दोषियों के लिए 10 साल तक की जेल, 10 करोड़ रुपये तक के भारी जुर्माने और मामलों के जल्द निपटारे के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट का प्रावधान है। जयराम ठाकुर ने कहा कि इन सख्त प्रावधानों से ईमानदार अभ्यर्थियों का परीक्षा प्रणाली पर विश्वास और मजबूत होगा।
जयराम ठाकुर ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस और अन्य दल केवल राजनीति कर रहे हैं। यदि विपक्ष छात्रों के प्रति गंभीर है, तो उसे अराजकता फैलाने के बजाय संसद में सकारात्मक बहस करनी चाहिए। लोकतंत्र में समस्याओं का समाधान भ्रामक प्रचार से नहीं बल्कि विधायी प्रक्रिया से ही संभव है।
लाहौल हादसे पर व्यक्त किया गहरा शोक
जयराम ठाकुर ने लाहौल के कडू नाला के पास पहाड़ी दरकने से हुए दर्दनाक हादसे पर गहरा शोक जताया। उन्होंने कुल्लू से पांगी जा रही टैक्सी के मलबे में दबने से हुई मौतों पर दुख व्यक्त किया। नेता प्रतिपक्ष ने शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना की।