मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू गांधी जयंती पर 1471 पंजीकृत निर्माण कामगारों और आश्रितों को देंगे 5.78 करोड़ रुपये की सहायता

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Himachal News: हिमाचल सरकार गांधी जयंती पर 1471 पंजीकृत निर्माण कामगारों और उनके पात्र आश्रितों को आर्थिक मदद देगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड की अलग-अलग योजनाओं के तहत 5.78 करोड़ रुपये की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजेंगे। बोर्ड अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर ने यह जानकारी साझा की है। सबसे बड़ी रकम शिक्षा सहायता के रूप में जाएगी।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू यह राशि गांधी जयंती के मौके पर ट्रांसफर करेंगे। मदद पंजीकृत निर्माण कामगारों और उनके योग्य आश्रितों तक पहुंचेगी। बोर्ड की विभिन्न कल्याण योजनाओं के जरिए कुल 5.78 करोड़ रुपये जारी होंगे। भुगतान सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में होगा। नरदेव सिंह कंवर ने बोर्ड अध्यक्ष के नाते इस फैसले की पुष्टि की है। सरकार का मकसद कामगार परिवारों को समय पर राहत पहुंचाना है।

शिक्षा और विवाह में सबसे अधिक सहायता

सबसे ज्यादा 2.74 करोड़ रुपये की शिक्षा सहायता 968 लाभार्थियों को मिलेगी। यह रकम पंजीकृत कामगारों के बच्चों की उच्च और तकनीकी शिक्षा के लिए दी जाएगी। विवाह सहायता के तहत 359 लाभार्थियों को 1.83 करोड़ रुपये मिलेंगे। मुख्यमंत्री आवास योजना में विधवा, एकल, बेसहारा और दिव्यांग महिलाओं को मकान बनाने के लिए 45.95 लाख रुपये दिए जाएंगे। ये तीनों मदें कुल सहायता का बड़ा हिस्सा कवर करती हैं।

अचानक मृत्यु की स्थिति में भी बोर्ड आर्थिक सहयोग देगा। दुर्घटना मृत्यु और अंतिम संस्कार सहायता के 21 मामलों में 54.20 लाख रुपये जारी होंगे। मातृत्व एवं पितृत्व लाभ के तहत 30 लाभार्थियों को 7.14 लाख रुपये मिलेंगे। कन्या जन्म उपहार योजना में 15 परिवारों को 7.65 लाख रुपये दिए जाएंगे। मानसिक दिव्यांगता वाले 10 आश्रितों को 2.15 लाख रुपये की मदद पहुंचेगी। एक लाभार्थी को दिव्यांग पेंशन के रूप में 25 हजार रुपये मिलेंगे।

जिला स्तर पर कांगड़ा के 270 लाभार्थियों को एक करोड़ रुपये मिलेंगे। हमीरपुर में 225 लाभार्थियों को 76.74 लाख रुपये दिए जाएंगे। चंबा में 164 लोगों को 70.54 लाख और मंडी में 171 लाभार्थियों को 64.80 लाख रुपये मिलेंगे। सिरमौर में 140 लाभार्थियों के खातों में 51.80 लाख रुपये जाएंगे। किन्नौर में 126, शिमला में 88, बिलासपुर में 104, ऊना में 72, सोलन में 63 और कुल्लू में 48 लाभार्थी भी इस सहायता के दायरे में आएंगे।

नरदेव सिंह कंवर ने कहा कि बोर्ड का प्रयास है कि पंजीकृत कामगारों और उनके आश्रितों को योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से मिले। सभी भुगतान सीधे बैंक खातों में होंगे। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी। कामगार परिवार शिक्षा, विवाह, आवास और आपात सहायता जैसी जरूरतों में राहत पा सकेंगे। बोर्ड इस प्रक्रिया को सरल और स्पष्ट रखने पर जोर दे रहा है।

Right News Desk
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लॉ और पत्रकारिता स्नातक, पत्रकारिता में 11 वर्ष का अनुभव

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